Judgements

Need To Control Flood In Bihar. on 21 August, 2003

Lok Sabha Debates
Need To Control Flood In Bihar. on 21 August, 2003

Title: Need to control flood in Bihar.

श्री राम विलास पासवान

: सभापति महोदय, अभी देवेन्द्र प्रसाद जी ने जो बात कही, मैं उसका समर्थन करता हूं। इससे पहले आपने जो बिहार के संबंध में बात कही थी, मैं उसका भी समर्थन करता हूं। मैं कहना चाहता हूं कि फ्लड की समस्या बहुत भयंकर है। कल तक पार्लियामैंट का सैशन चलने वाला है यानी कल के बाद पार्लियामैंट बंद हो जायेगी। नवम्बर में पार्लियामैंट खुलेगी। यदि खुलेगी तो, तब तक जो लोग फ्लड की विभीषिका से ग्रसित हैं, वे खत्म हो जायेंगे। इसी सदन में पिछले दिनों भी इस पर

चर्चा उठायी गयी थी। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि सरकार की तरफ से इस पर वक्तव्य दिया जायेगा या चर्चा की जायेगी।हमको मालूम नहीं है कि कल वक्तव्य हो पाएगा या नहीं। बिहार आपकी भी कौन्सटीटूऐंसी है, हमारी भी है लेकिन सबसे ज्यादा श्री रामचंद्र पासवान की कौन्सटीटूऐंसी तबाह हुई है। मैं चाहूंगा कि उनको भी बोलने का समय दिया जाए। श्री पप्पू जी और देवेन्द्र यादव जी सबकी यह समस्या है। पूरे बिहार और उत्तर प्रदेश में यह समस्या है। इसलिए मैं चाहता हूं कि इसे गंभीरता से लिया जाए। जो लोग वहां हैं, उनके लिए दवाई की कोई व्यवस्था नहीं है, नावों की कोई व्यवस्था नहीं है, भारत सरकार द्वारा उनको कोई सहायता नहीं दी जा रही है।( व्यवधान)

सभापति महोदय : आप सब बोल चुके हैं। अब श्री पासवान बोल रहे हैं, इसलिए उनको बोलने दें।

…( व्यवधान)

श्री राम विलास पासवान: वहां के लोगों के लिए किसी चीज की कोई व्यवस्था नहीं है। हम आग्रह करना चाहते हैं कि सरकार इस बारे में वक्तव्य दे या चर्चा करवाए।( व्यवधान)

सभापति महोदय : श्री रामचंद्र पासवान भी इसके साथ ऐसोशिएट करते हैं। यह विषय अब समाप्त हो गया है।

श्री रामचन्द्र पासवान (रोसेड़ा): सभापति महोदय, आपने बिहार के बारे में अपनी बात रखी है। हमें भी बोलने का मौका दिया जाए।( व्यवधान)

सभापति महोदय : श्री सुकदेव पासवान भी इस विषय के साथ ऐसोशिएट करते हैं।

…( व्यवधान)

श्री रामचन्द्र पासवान

:सभापति महोदय, बिहार एक तरफ बाढ़ में डूबा रहता है और दूसरी तरफ लोग सुखाड़ से त्रस्त हैं। जब १९६० में रिग बांध का निर्माण हुआ था तब उसके साथ यह भी योजना थी कि जहां सुखार है, वहां नहरों की व्यवस्था की जाएगी और बाढ़ वाले राज्य को नेपाल से राहत मिलेगी। लेकिन नेपाल सरकार से क्या वार्ता हुई, यह हमें आज तक पता नहीं चला। हर साल जब बाढ़ आती है तब कहा जाता है कि नेपाल सरकार से वार्ता हो रही है। हम आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहते हैं कि पिछले साल जब बाढ़ आई थी तो उसमें सभी सड़कें ध्वस्त हो गई थीं। इस बारे में क्या कार्यवाही हुई है, सरकार के पास इसका कोई लेखा-जोखा नहीं है। उत्तरी बिहार, जो बाढ़ से त्रस्त है, वहां किसी चीज की को व्यवस्था नहीं है। हम सरकार से कहना चाहते हैं कि सुचारू तरीके से योजना का अलग एजैंडा बनाकर उसके तहत वहां का विकास किया जाए ताकि वहां के लोगों को निजात मिल सके।( व्यवधान)हम सरकार से यह भी मांग करते हैं कि बाढ. से प्रभावित क्षेत्रों में नाव तथा राहत सामग्री एंव इस वर्ष और पूर्व के वर्षों में क्षतिग्रस्त सड.क, पुल-पुलिया एवं भवन और तवाह किसानों के फसल का मुआवजा दिया जाए और निर्माण किया जाए।

श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव : सभापति महोदय, हमने इस बारे में कालिंग अटैंशन दिया था।( व्यवधान)

सभापति महोदय : आप आसन ग्रहण कीजिए।

श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव : आप हमें भी उनके साथ ऐसोशिएट कर दीजिए।

सभापति महोदय : ठीक है।