Title: Regarding passing of the Bill relating to granting full statehood status to Delhi.
(दिल्ली सदर): अध्यक्ष जी, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने के संबंध में १९५२ में पहले चुनाव से लेकर अब तक दिल्ली की जनता बार-बार मांग करती आई है लेकिन कांग्रेस की सरकार ने कभी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं दिया। दिल्ली के साथ हमेशा सौतेला व्यवहार किया। कभी सी-क्लास असैम्बली दी तो कभी केवल कार्पोरेशन दिया, कभी मैट्रोपोलिटन काउंसिल दी तो कभी लूली-लंगड़ी विधान सभा दी। उसका परिणाम यह हुआ कि आज दिल्ली में मल्टी-सिस्टम अथॉरिटी होने के कारण दिल्ली स्लम एरिया बन रहा है। इतनी कोशिशों के बाद प्रधान मंत्री जी के आदेश से उप प्रधान मंत्री जी ने पिछले हफ्ते दिल्ली स्टेटहुड का बिल पेश किया। इस बिल की प्रस्तावना दिल्ली की मुख्य मंत्री से बात करने के बाद, उनके प्रस्ताव आने के बाद की। लेकिन आपने देखा कि कल श्रीमती शीला दीक्षित जी
ने यह घोषणा कर दी कि पूर्ण राज्य का दर्जा दिल्ली वालों के साथ धोखा है और कांग्रेस उसका समर्थन नहीं करेगी। मैं जानना चाहती हूँ..( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : यह बदलाव कब हो गया?
श्री मदन लाल खुराना: मैं कहना चाहता हूँ कि कांग्रेस से पूछकर यह किया। अब वे कहती हैं कि उस पर एतराज़ है। मैंने कहा कि यह स्टैन्िंडग कमेटी के पास जाएगा जिसके अध्यक्ष प्रणव मुखर्जी हैं। आपके कोई भी संशोधन हों तो आप समति के सामने लाइए। जनता के हित में होगा तो हम पूरा समर्थन करेंगे। मुझे लगता है कि शीला दीक्षित जी को कांग्रेस से डाँट पड़ी है या क्या हुआ है कि वह पीछे भाग रही हैं। कांग्रेस समर्थन करती या न करती, मुझे चिन्ता नहीं, लेकिन क्योंकि संविधान में संशोधन होना है, दो-तिहाई बहुमत इस सदन में चाहिए, इसलिए मैं कांग्रेस से यह जानना चाहता हूँ कि वह इस बिल का समर्थन करती है या नहीं। शीला दीक्षित ने आपसे पूछकर किया या क्या किया? कहीं कांग्रेस दिल्ली से विश्वासघात तो नहीं कर रही है यही मैं जानना चाहता हूँ।
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली): सर, जो इन्होने कहा है ( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : मुझे ऐसा लगता है कि आप लोग जीरो आवर नहीं चलाना चाहते। यदि आप नहीं चलने देना चाहते हैं, तो मैं सदन की कार्यवाही स्थगित कर दूंगा।
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा: सर, इस पर हमारी भी सहमति है। …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: Dr. Vijay Kumar Malhotra, Dr. Anita Arya, both your names will be associated with what Shri Madan Lal Khurana has said.
SHRI SHIVRAJ V. PATIL (LATUR): Mr. Speaker, Sir, Shri Madan Lal Khurana cannot raise such issues at the last moment in a political manner and if we are not allowed to say anything on that, it is not fair.
MR. SPEAKER: You are allowed to have your say.
SHRI SHIVRAJ V. PATIL : That is why I am on my legs. I am seeking your permission.
MR. SPEAKER: I will allow you afterwards.
श्री शिवराज वि.पाटील: अध्यक्ष महोदय, दिल्ली को संपूर्ण राज्य का दर्जा,( व्यवधान)
13.04 hrs. (Dr. Raghuvansh Prasad Singh in the Chair)
श्री पुन्नू लाल मोहले (बिलासपुर): सभापति महोदय, मैं शिक्षाकर्मियों के बारे में बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठाना चाहता हूं। ( व्यवधान)
सभापति महोदय : पुन्नू लाल मोहले जी बैठिए। शिव राज पाटिल जी, आपसे पहले बोलने के लिए खड़े हुए हैं। आप कृपया आसन ग्रहण कीजिए। सभी को मौका दिया जाएगा। आपको भी मौका दिया जाएगा। कृपया शांति बनाए रखिए।
…( व्यवधान)
: सभापति महोदय, दिल्ली को राज्य का दर्जा देने की बात को दिल्ली की मुख्य मंत्री, श्रीमती शीला दीक्षित की तरफ से और खुराना जी की तरफ से भी उठाया गया। सरकार की तरफ से यहां बिल लाया गया है और वह बिल भी इलैक्शन के पहले लाया गया है। इलैक्शन के लिए लाया गया है, उसे स्टेटहुड देने के लिए लाया गया है, ऐसा हमें नहीं लगता। इसके बावजूद जो कुछ भी सरकार ने किया है, उसकी जांच-पड़ताल स्टैंडिंग कमेटी में होगी, हमारी तरफ से उस बिल में कोई समाधान नहीं है और किस वजह से हमारा समाधान नहीं है यह हम स्टैंडिंग कमेटी के सामने बताएंगे। वे भी बताएं और यहां पर आए। मगर हम यह साफ करना चाहते हैं, मैं खुराना जी के बारे में पूरी आदर की भावना रखते हुए बोलना चाहता हूं, ये दिल्ली के स्टेटहुड की बात नहीं कर रहे हैं, दिल्ली के इलैक्शन की बात कर रहे हैं और इसीलिए उठा रहे हैं, इसे भी हमेशा ध्यान में रखना चाहिए।( व्यवधान)