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Title: Need to include people belongining to ‘Kol’ community under backward caste category in Uttar Pradesh.
श्री रेवती रमन सिंह (इलाहाबाद) : महोदय, देश के कुछ भागों में द्रविड़ लोगों की तरह कोल जाति भी उत्तर तथा पूर्व क्षेत्र में फैली हुई है। समय के साथ इनकी हालत बद से बदतर हुई है। इसलिए अन्य पिछड़ी जातियों की तरह इनका उत्थान आवश्यक है। इन्हें अपने विकास के समुचित अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। देश के कई भागों, जैसे झारखंड, बिहार, मेघालय, राजस्थान आदि में कोल जाति के लोगों को पिछड़ी जाति के रूप में मान्यता प्राप्त है और इस कारण से अन्य पिछड़ी जातियों की तरह इन्हें भी सुविधाएं प्राप्त हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश में यह जाति इन सुविधाओं से वंचित है जबकि उत्तर प्रदेश की विधान सभा द्वारा पास प्रस्ताव तथा वहां के मंत्रिमंडल के निर्णय की जानकारी केन्द्र सरकार को है। उत्तर प्रदेश के लिए भी इस जाति को पिछड़ी जाति के रूप में मान्यता दें, ताकि इन्हें अपने विकास के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें।
इस जाति के लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा के साथ जोड़ने के लिए यह आवश्यक है कि इसे जनजाति के रूप में मान्यता दी जाये।