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Title: Need to establish early warning system for prediction of geological upheavals taking place in the Bundelkhand region of Uttar Pradesh – laid.
श्री राजनारायन बुधौलिया (हमीरपुर, उ0प्र0) : महोदय, मेरे संसदीय क्षेत्र हमीरपुर, उत्तर प्रदेश जिले की राठ तहसील के जिगनी गांव में धसान नदी से एक किलोमीटर पहले ढाई फीट से 8 फीट तक की चौड़ाई में लगभग 10 किलोमीटर तक धरती अचानक फट गयी, जिसकी गहराई लगभग 35 फुट से लेकर 60 फुट तक है। जिस कारण बुंदेलखंड के निवासी डरे एवं सहमे हुए हैं1 इस क्षेत्र में पानी की अत्यधिक परेशानी है। बुंदेलखंड कापूरा क्षेत्र पिछले चार-पांच सालों से सूखे एवं अन्य प्रकार की प्राकृतिक एवं देवीय आपदाओं से घिरा हुआ है। देश में प्रतिवर्ष जन, धन एवं पशुधन की बड़े स्तर पर हानि होती है। इस प्राकृतिक आपदा में भी सैंकड़ों जानवर धरती के अंदर समा गए। कोई पूर्व चेतावनी देने की सुविधा न होने के कारण इस क्षेत्र के लोग परेशान हैं तथा पलायन करने को मजबूर हैं। क्षेत्रीय लोगों को हिम्मत एवं ढाढस बंधाने के लिए वैज्ञानिकों का एक दल भेजकर बुंदेलखंड क्षेत्र का सर्वे कराये जाने की तुंत आवश्यकता है। साथ ही प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा देने की व्यवस्था की जाये।
मैं सदन के माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि बुंदेलखंड क्षेत्र के भूगर्भ में हो रही उथल-पुथल की जांच हेतु एक उच्चस्तरीय वैज्ञानिकों का केन्द्रीय दल उक्त स्थान पर तुंत भेजा जाये तथा भविष्य में इस तरह की प्राकृतिक आपदाओं की पूर्व सूचना देने हेतु तत्काल कदम उठाए जायं ताकि प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली हानि को बचाया जा सके तथा प्रभावित क्षेत्रवासियों को सहायता तुंत उपलब्ध करायी जाये।