Judgements

Discussion Regarding Situation Arising Out Of Shortage Of Power In … on 18 August, 2004

Lok Sabha Debates
Discussion Regarding Situation Arising Out Of Shortage Of Power In … on 18 August, 2004


nt>

15.18 hrs.

DISCUSSION UNDER RULE 193

(i) SITUATION ARISING OUT OF SHORTAGE OF

POWER IN THE COUNTRY

Title: Discussion regarding situation arising out of shortage of power in the country, raised by Shri Prabodh Panda on the 17th August, 2004. (Not cocluded).

MR. SPEAKER: Now, let us come to item No. 22 — Discussion under Rule 193.

Shri Ram Kripal Yadav.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Nothing will go on record except the speech of Shri Ram Kripal Yadav.

(Interruptions)* …

* Not Recorded

श्री राम कृपाल यादव (पटना) : अध्यक्ष महोदय, मैं माननीय मंत्री जी का ध्यान हाइडल इलैक्टि्रसिटी पैदा करने की ओर आकृष्ट कर रहा था। मैं कह रहा था कि हिमालय से निकलने वाली बहुत सी नदियां हैं। वहां से जो पानी निकल रहा है, उसकी वजह से पूरे बिहार, आसाम तथा अन्य राज्यों में बाढ़ से तबाही हो रही है। केवल अगर आप थोड़ा सा प्रयास करें तो बिजली का उत्पादन सस्ती दर पर ज्यादा से ज्यादा होगा और लोगों को २५ पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली भी सहूलियत से पहुंचेगी। मैं छोटा सा उदाहरण देना चाहूंगा कि अगर कोसी नदी पर पनबिजली परियोजना स्थापित कर दें तो वहां से ३३०० मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। इसी तरह से नेपाल से निकलने वाली जितनी नदियां है, यदि उन नदियों पर हाइडल स्थापित कर दें तो बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन भी होगा और देश में जो बिजली की समस्या है, उससे लोंगो को बड़ी राहत मिलेगी। मैं निवेदन करूंगा कि आप निश्चित तौर पर इस पर कोई ठोस कदम उठाकर, ठोस निर्णय लेने का काम करें।

अध्यक्ष महोदय, बिहार में जो बाढ़ की भीषण स्थिति पैदा हो रही है, इस पर हम लोग प्रति वर्ष चर्चा करते हैं। इस बार भी हम लोगों ने सदन में अपनी बात उठाई हैं। वहां करोड़ों-करोड़ रुपयों और जानमाल की क्षति हो रही है।

इससे लोगों को राहत भी मिलेगी। इस पर माननीय मंत्री जी को निर्णय लेना चाहिए और निश्चित तौर पर जो पैसा ये लगा रहे हैं, बिजली उत्पादन में उसकी अच्छी खासी राशि होटल प्रोजैक्ट्स के लिए दें तो बड़ी कृपा होगी।

जहां तक विद्युत को ग्रामीण इलाकों में ले जाने की बात कही जा रही है, सरकार का ध्यान भी इस ओर गया है। यूपीए के कॉमन मनिमम प्रोग्राम में इस संबंध में समझौता भी है और माननीय प्रधान मंत्री

जी का भी एटीटयूड है और माननीय मंत्री जी भी ऐसा चाहते हैं। जब तक आप इस पर निर्णय नहीं लेंगे कि बिजली उत्पादन की क्षमता बढ़े, तब तक आपका सपना पूरा नहीं हो सकता है। आपने दसवीं योजना में लक्ष्य रखा था कि ४१ हजार मैगावाट बिजली का उत्पादन करेंगे लेकिन उसकी पूर्ति आप नहीं कर पा रहे हैं। दो वर्षों में मात्र ६००० मैगावाट बिजली का उत्पादन किया गया है। मैं कहना चाहता हूँ कि आप जो लक्ष्य रखते हैं, उसको पूरा करने के लिए आप उसमें जुट जाइए। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिना विद्युत के देश का विकास नहीं हो सकता है। अगर देश को तरक्की के शिखर पर ले जाना है तो विद्युत उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा। देश की हर समस्या का निदान इससे हो सकता है, चाहे वह सुखाड़ हो, गरीबी हो, बेरोज़गारी हो या गांवों की समस्याएं हों।

अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान बिहार की तरफ आकृष्ट करना चाहूंगा। जब से देश आज़ाद हुआ है, तब से बिहार की उपेक्षा हुई है। हमारे यहां दो थर्मल पावर स्टेशन्स हैं, एक बरौनी में और दूसरा कांटी में। उनकी क्षमता इतनी घट गई है कि ५० मैगावाट बिजली का उत्पादन वे कर पा रहे हैं। क्या ५० मैगावाट बिजली का उत्पादन करने से बिहार की समस्या का निदान हो जाएगा? नहीं होगा। मैं निवेदन करूँगा कि आप बिहार के कांटी और बरौनी थर्मल पावर स्टेशन्स का आधुनिकीकरण करने के लिए राशि दें। राज्य सरकार ने आपके पास प्रपोज़ल भेजा है। वहां अगर आप पैसा देंगे तो ५००-५०० मैगावाट एक थर्मल पावर स्टेशन से बिजली का उत्पादन हो सकता है। कुल मिलाकर १००० मैगावाट बिजली उत्पादन करने की क्षमता दोनों थर्मल पावर स्टेशनों की है। हमारा एक्सप्लॉइटेशन हुआ है। जब जॉइंट बिहार था तो कोयला हम देते थे और अब रद्दी किस्म का कोयला हमारे थर्मल पावर स्टेशन्स को दिया जाता है जिससे उनकी उत्पादन क्षमता पर भी असर पड़ता है। अब झारखंड बंट गया। हमारे संसाधन समाप्त हो गए हैं और हम बेहाल हो गए हैं। जब तक केन्द्र सरकार की कृपा नहीं होगी, तब तक हम कैसे बिहार को आगे बढ़ा सकते हैं? बिहार में ग्रामीण विद्युतीकरण करने के लिए हमारे पास क्षमता नहीं है, पैसा नहीं है। हम आप पर डिपैन्ड कर रहे हैं। हमारे साथ न्याय किया जाए। अगर आप न्याय नहीं करेंगे तो कैसे हम बिहार के गांवों तक बिजली पहुंचाने का जो माननीय प्रधान मंत्री जी का सपना है, कॉमन मनिमम प्रोग्राम में जो समझौता है, कैसे हम उस उद्देश्य की पूर्ति कर पाएंगे? बिहार के ९० प्रतिशत गांवों में अंधेरा है। कागज़ों पर आंकड़े हो सकते हैं मगर वास्तविक स्थिति यह है कि गांवों में किसानों को भी बिजली नहीं मिल पा रही है। आप ९० प्रतिशत राशि इसके लिए दीजिए क्योंकि हमारे पास पैसा नहीं है। हम १० प्रतिशत अपने संसाधनों से खर्च कर सकते हैं। हम बेहाल हैं। हमारी आमदनी का ज़रिया झारखंड बनने के बाद खत्म हो गया है। हम चाहेंगे कि आप बिहार के गांवों में विद्युतीकरण करवाएं।

श्री राजीव रंजन सिंह ललन (बेगूसराय) : झारखंड बंटा कैसे?

श्री राम कृपाल यादव : आपने बांट दिया।

श्री राजीव रंजन सिंह ललन : हमने नहीं बांटा, आपने प्रस्ताव किया था।

श्री राम कृपाल यादव : इसकी बात मत करें। राज्य का बंटवारा तो केन्द्र की सरकार करती है और आपने बिहार का नाश किया।

श्री राजीव रंजन सिंह ललन : बिहार की सरकार ने प्रस्ताव भेजा था। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Please do not interrupt now. This is not right.

श्री राम कृपाल यादव : मैं निवेदन करना चाहता हूँ कि बिहार की लगातार उपेक्षा हुई है। हम यूपीए सरकार से मांग करते हैं कि बिहार के साथ न्याय कीजिए, उसको ऊपर उठाइए। वह बीमार राज्य है। अगर परिवार में एक भाई बीमार है तो परिवार कैसे मजबूत होगा? इसी प्रकार देश के सभी राज्य मजबूत होंगे तभी देश मजबूत हो सकता है।

अध्यक्ष महोदय, बिहार की आबादी आठ करोड़ है। उसकी उपेक्षा कर के देश चाहे कि वह आगे बढ़ जाएं, यह सम्भव नहीं है। बिहार के माननीय मुख्य मंत्री जी ने आपके पास प्रपोजल भेजा है। उसे आप लागू करने का काम कीजिए। मुझे पता लगा है कि अभी कैबीनेट नोट भी आया है। मुझे विश्वास है कि आप उस पर भी सहानुभूति पूर्वक विचार करेंगे। माननीय मंत्री जी बिहार गए थे। वहां गया में उन्होंने बिहार के लोगों को बहुत आश्वासन देने का काम किया। उन्होंने कहा कि हम बिहार को विद्युत के क्षेत्र में सहयोग देने का काम करेंगे। इसके लिए हम आपके बहुत आभारी हैं। बिहार की जनता आपकी ओर टकटकी लगाकर देख रही है कि आप बिहार को विद्युत के क्षेत्र में पूरा सहयोग देंगे। मैं आपके ध्यान में लाना चाहता हूं कि माननीय मुख्य मंत्री जी ने एक प्रस्ताव विद्युत के संबंध में आपको प्रेषित किया है। मुझे आशा है कि आप प्रदेश सरकार को पूरा सहयोग देने का काम करेंगे।

अध्यक्ष महोदय, मैं बताना चाहता हूं कि केन्द्र सरकार ने बिहार में ट्रांसमीशन के लिए पैसा दिया है, उत्पादन के लिए नहीं। हमारे यहां जब विद्युत का उत्पादन होगा ही नहीं, तब हम ट्रांसमिट किसे करेंगे ? आप उत्पादन के लिए राशि मुहैया कराने का काम कीजिए। अभी माननीय श्री राजीव रंजन सिंह ललन बोल रहे थे कि माननीय श्री नीतीश कुमार जी, पूर्व मंत्री के यहां एन.टी.पी.सी. का एक थर्मल पावर स्टेशन बन रहा है। उन्होंने कहा है कि पांच साल में पूरा करेंगे। मुझे पता नहीं कब वह पूरा होगा, लेकिन मेरा निवेदन है कि उसका भी काम जल्दी से जल्दी पूरा कराएं ताकि उसकी क्षमता का भी पूरा लाभ उठाया जा सके।

अध्यक्ष महोदय, मेरा आपके माध्यम से निवेदन है कि बिहार को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में प्राथमिकता देने का काम करिए और बिहार की जो समस्या है, उसे देखते हुए निश्चित तौर पर कोई ठोस कदम आप उठाएंगे, ऐसा मुझे विश्वास है। बिहार की हालत बिजली उत्पादन कम होने के कारण बहुत खराब है। बिहार की गरीबी देश की गरीबी है। बिहार की उपेक्षा कर के देश उन्नति नहीं कर सकता है। इसलिए बिहार की ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

महोदय, माननीय मंत्री जी ने स्वयं स्वीकार किया है कि देश में जो बिजली का उत्पादन हो रहा है उसमें से ३५ प्रतिशत बिजली चोरी में जा रही है और १५ प्रतिशत तकनीकी खराबी के कारण लॉस हो रहा है। चोरी रोकने के लिए ठोस और कठोर कानून बनें जिससे चोरी करने वाले लोग यह सोचने पर मजबूर हो सकें कि बिजली की चोरी करने पर हमारा यह हरुा होगा, तो वे बिजली की चोरी कभी नहीं करेंगे। यदि ऐसा नहीं किया जाएगा और बिजली की चोरी नहीं रुकेगी, तो आप बिजली का कितना भी उत्पादन बढ़ा लीजिए, हालात सुधरेंगे नहीं। इसलिए जरूरी है कि बिजली चोरों के खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई करने का कानून बनाएं और उसे इम्पलीमेंट करें। इस संबंध में सरकार की जो प्लानिंग है, वह सकारात्मक होनी चाहिए।

महोदय, कुछ दिन पहले पार्लियामेंट में बिजली गुम हो गई थी। दिल्ली में कई इलाके ऐसे हैं जहां सात-सात और आठ-आठ घंटे बिजली नहीं मिलती है। जब दिल्ली में यह हालत है, तो देश के और बिहार के गांवों की स्थिति का आप खुद अंदाजा लगा सकते हैं।

अध्यक्ष महोदय : बिजली क्यों नहीं मांगते हैं ?

श्री राम कृपाल यादव : महोदय, आपके माध्यम से बिजली ही की मांग माननीय मंत्री जी से कर रहा हूं। बिहार ही नहीं, उड़ीसा, असम और पश्चिम बंगाल में भी बिजली की कमी है। महोदय क्या आपके यहां बिजली की कमी नहीं है ?

अध्यक्ष महोदय : अभी तो ठीक चल रहा है।

श्री राम कृपाल यादव : अध्यक्ष महोदय, आप बहुत सौभाग्यशाली हैं और बधाई के पात्र हैं कि आपके राज्य में बिजली की कमी नहीं है और ठीक प्रकार से बिजली आ रही है।

MR. SPEAKER: We have got an efficient Minister. I have no doubt that the hon. Minister will give proper attention to Bihar.