>
Title: Alleged deteriorating law and order situation in Delhi.
प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा (दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष जी, दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से हत्याएं, बलात्कार, अपहरण और डकैतियां इतने बड़े पैमाने पर हो रही हैं कि दिल्ली भारत की क्राइम कैपीटल बनती जा रही है। प्रातः काल समाचार पत्रों में दिल्ली में घृणित अपराधों की भरमार दिखाई देती है। न्यूज चैनल भी दिन भर यही दृश्य दिखाते रहते हैं। एक ही दिन में यानी कल ही पांच-सात घटनाएं बहुत ही घृणित अपराधों की हुई हैं। जिनकी हैडलाइंस है —
“Woman shot at and injured in daylight Delhi robbery
Robbers kill 35-year-old, loot house in Bindapur
Woman shot dead in West Delhi home
34 lakh looted from bank van in W. Delhi
Man killed for protesting against obscene SMS”
इस तरह की दस घटनाएं एक ही दिन में हुई हैं। अखबारों में बेबस पुलिस और बेखौफ अपराधी, पुलिस- अपराधियों में जंग आदि का उल्लेख किया गया है।
अध्यक्ष जी, दिल्ली में पांच लाख लोग प्रतिवर्ष आते हैं परन्तु पुलिस की संख्या बढ़ायी नहीं जा रही है। यहां पर वीआई पी की सुरक्षा और वीआईपी मूवमैंट पर सारी पुलिस को लगाना पड़ता है। अभी यहां दिल्ली में जो ‘ ओलम्पिक टार्च’ आयी है, उसमें पुलिस के 15 हजार लोग लगाये गये हैं। सारी दिल्ली में जो इतने अपराध हो रहे हैं, उनके लिए कोई अलग से प्रबंध नहीं किया गया है। सारी दिल्ली छावनी में बदली हुई है। टार्च हमेशा खुशी और जनता की भागीदारी का प्रतीक होती है, प्रसन्नता और उत्साह का प्रतीक होती है। परन्तु ऐसे खौफ के अंदर उसका आयोजन किया जा रहा है कि सारी दिल्ली छावनी में बदल गयी है। अगर सारी पुलिस एक तरफ ध्यान देगी, तो अपराधों के बारे में क्या होगा? पुलिस की संख्या नहीं बढ़ायी गयी। हमारी मांग है कि पुलिस की संख्या बढ़ायी जाये और यहां पर उन्हें ज्यादा साधन दिये जायें। जितनी संख्या की रिक्वायरमैंट है, दिल्ली की आबादी दस गुना ज्यादा बढ़ गयी है परन्तु पुलिस उतनी की उतनी ही है। दिल्ली का लॉ एंड आर्डर सीधे तौर पर गृह मंत्री जी के अंडर है। अगर वह अपराधों को कम नहीं कर सकते, अपराधों पर रोक नहीं लगा सकते, दिल्ली को सहमी हुई जिंदगी जीने से बचा नहीं सकते, तो उनको गद्दी छोड़ देनी चाहिए या उन्हें यहां पर इन अपराधों को रोकना चाहिए। मैं समझता हूं कि यह बहुत शर्म की बात है। दिल्ली राजधानी होते हुए भी उसके अंदर इस प्रकार की स्थिति पैदा हो रही है।[MSOffice13]