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Title: Alleged diversion of funds fixed for various Central schemes during 2006-07 by the U.P. Government.
श्री संतोष गंगवार (बरेली) :सभापति महोदय, अभी कुछ दिन पहले ग्रामीण विकास मंत्री जी ने स्वीकार किया था कि कुछ राज्यों में जो योजनाएं दिल्ली से भेजी जा रही हैं, उनका सही ढंग से कार्यान्वयन न हो कर दुरुपयोग हो रहा है। मैंआपके माध्यम द्वारा सरकार के संज्ञान में लाना चाहूंगा कि उत्तर प्रदेश इसका जीता-जागता उदाहरण है। वहां पर केन्द्र सरकार की योजनाओं के लिए धन दिया गया है। लेकिन उसके लिए मैचिंग ग्रांट, जो राज्य सरकार को देनी है, वह तो दी ही नहीं गयी, ऊपर से जो धन दिया गया है, उसका दुरुपयोग हुआ है। वह धन अन्य कार्यों में प्रयोग किया गया है खासतौर से वे कार्य जैसे साड़ी बांटना, कन्या विद्या धन, बेरोजगार नौजवानों को भत्ता देना आदि। वास्तविक क्षेत्र में २० सूत्री कार्यक्रम के अन्तर्गत जो काम होने थे, उन सारे कामों पर रोकथाम हो गयी है। अब एपीसी द्वारा जो बैठकें आयोजित की जा रही हैं, उसमें कहा जा रहा है कि जो पहली किश्त आ गयी है, उसको ही अंतिम किश्त मान लो। यह भी मान लो कि अब आगे पैसा नहीं आयेगा। यह गंभीर बात है।
मैं आपके माध्यम द्वारा सरकार से कहना चाहता हूं कि सरकार एक मौनीटरिंग सेल बनाये। वह मौनीटरिंग सेल उत्तर प्रदेश जाकर केन्द्र सरकार द्वारा जो धन इन योजनाओं में लागू करने के लिए दिया गया है, उसकी समीक्षा करे कि वास्तव में कितना किस रूप में व्यय हुआ है?यदि नहीं हुआ है, तो उसका जिम्मेदार कौन है और उसके खिलाफ क्या कदम और कार्रवाई की गयी है? मैं चाहूंगा कि सरकार इसे गंभीरता से संज्ञान में ले।