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Title: Alleged irregularities in Mid-Day Meal Scheme in the country.
श्री शैलेन्द्र कुमार (कौशाम्बी): सभापति महोदय, पूरे देश में मिड-डे मील में जबरदस्त गड़बड़ी और घपला हो रहा है। पूरे देश में एक सर्वे हुआ है, उसमें 17 राज्यों में मिड-डे मील में शिकायत आयी है। 8 लाख 90 हजार बच्चों को आज भी दोपहर का भोजन नहीं दिया जा रहा है। झारखण्ड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, चण्डीगढ़, तमिलनाडु और दमन एवं दीव में बच्चों को सौ ग्राम भोजन मिलता था, लेकिन वहां केवल 83 ग्राम ही दिया जा रहा है। चार राज्यों, उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा और त्रिपुरा में चावलों में मिलावट की शिकायत आयी है।
18.09 hrs.
(Shri P.C. Chacko in the Chair)
तीन राज्यों में मिड-डे मील बिलकुल खाने लायक नहीं है। उत्तर प्रदेश के 2086 स्कूलों में अक्तूबर 2006 से मार्च 2007 के बीच दोपहर का भोजन नहीं दिया गया है। इसी प्रकार से जम्मू-कश्मीर में वर्ष 2005 से 20007 के बीच बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं दिया गया है। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह आ रही है कि गांव प्रधान कनवर्जन मनी से मिड-डे मील दे रहे हैं। उसका मुख्य कारण यह है कि सूखे की वजह से सभी आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं । आटा, चावल और दाल आदि सभी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इसलिए ग्राम प्रधान भी कंवर्जन मनी से ही चीजों को खरीद कर मिड-डे-मिल की व्यवस्था करता है और जो भोजन बनाते हैं, उन्हें भी मानदेय देते हैं। इस प्रकार से आज पूरे देश में मिड-डे-मिल की जो रिपोर्ट है, वह बहुत ही असंतोषजनक है।
सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से मांग करना चाहूंगा कि सरकार इसकी जांच कराए। जहां-जहां इस प्रकार की गड़बड़ियां आई हैं, वहां के लोगों की जांच करवा कर उन्हें पनीशमेंट दिया जाए। वहां की व्यवस्था को सुदृढ़ रखें ताकि मिड-डे-मिल में बच्चों को भोजन मिल सके और वे पढ़ें। जो50 प्रतिशत बच्चे कुपोषण के शिकार हैं, उनका स्वास्थ्य अच्छा रहे और पढ़ने में उनका मन लगे। इन्हीं शब्दों के साथ मैं अपनी बात समाप्त करता हूं। …( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN : Please take your seat.
… (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: Please sit down. I would not allow a discussion on this issue. The Treasury Bench has not responded to it, and the Minister has not responded to it.
… (Interruptions)
MR. CHAIRMAN: No, this will not go on record. Mr. B. Mahtab.
(Interruptions)*