Title: Alleged killings of leaders belonging to majority community in Maharashtra.
श्री किरीट सोमैया (मुम्बई उत्तर पूर्व) : सभापति जी, परसों महाराष्ट्र में मुम्बई के पास एडवोकेट श्री ललित जैन की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई। वे भिवंडी जिले के विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के अध्यक्ष थे। प्रदेश में जो गोहत्या के विरूद्ध अभियान चल रहा है, उसके बारे में वे कोर्ट में अपनी दलील पेश करने के लिए जा रहे थे। न्यायालय के बाहर सुबह ११ बजे उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके सात दिन पहले इसी प्रकार से कल्याण जिले में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्ता की हत्या की गई थी। उसके चार दिन पहले अकोला शहर में इसी प्रकार से कुछ लोगों ने दंगे की शुरूआत की। इस तरह गत १२ दिनों से महाराष्ट्र में एक के बाद एक कल्याण मे, भिवंडी में और अकोला में विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और शिव सेना के प्रमुख कार्यकर्ताओं को चुन-चुनकर मारा जा रहा है। लेकिन आज तक एक भी आरोपी नहीं पकड़ा गया है। वहां के लोगों का सवाल है कि क्या अफरोज को इसीलिए छोड़ा गया था, जो संसद में हुए हमले में आरोपी था। उसके ऊपर महाराष्ट्र सरकार ने पोटो लगया था, लेकिन वह वापस ले लिया गया। बाद में कोर्ट में जाकर महाराष्ट्र सरकार के एडीशनल ए.जी. ने सरकार का पक्ष नहीं रखा और परिणामस्वरूम उसको छोड़ दिया गया। उसके बाद एक के बाद एक हत्याएं हो रही हैं। जो देशद्रोही है, उसको छेड़ा जा रहा है और जो सामाजिक कार्यकर्ता हैं, जो विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी और शिव सेना के कार्यकर्ता हैं, उनकी हत्या की जा रही है। इस मामले में गृह मंत्री जी अध्ययन करके प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मंगाएं। हत्या के विरोध में आज भिवंडी बंद है, दो दिन पहले अकोला और कल्याण भी बंद था। महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी की सरकार है। क्या कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि इस पर भी चर्चा हो ? हम यहां मांग करते हैं कि महाराष्ट्र पर भी नियम १८४ के तहत चर्चा होनी चाहिए। क्या कांग्रेस पार्टी और प्रदेश सरकार इसके लिए तैयार होगी ? क्या कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने इस पर कोई नोटिस नहीं दिया ? क्या वहां मारे गए लोग मानव नहीं और क्या उनका परिवार परिवार नहीं है ? मैं विपक्ष से पूछना चाहूंगा कि यह किस प्रकार का सेक्यूलरिज्म है ? वहां एक भी आरोपी को अभी तक नहीं पकड़ा गया है।
सभापति महोदय : आपने विस्तार से अपनी बात कह दी है, अब आप अपना स्थान ग्रहण करें।
श्री किरीट सोमैया : वहां की सरकार से, पुलिस कमिश्नर से और गृह मंत्री से पूछा जाए कि अफरोज को क्यों छोड़ा गया है। संसद पर हुए हमले में यहां मारे गए लोगों को हमने श्रद्धांजलि दी थी, लेकिन उस हमले का जो आरोपी है, उसको हम छोड़ रहे हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि संसदीय कार्य मंत्री जी गृह मंत्री जी को कहें और इस पर यहां चर्चा होनी चाहिए।…( व्यवधान)
सभापति महोदय : संसदीय कार्य मंत्री जी यहां हैं। अगर वह रिएक्ट करना चाहते हैं तो करें।
…( व्यवधान)
सभापति महोदय : किरीट सोमैया जी, जब आप बैठेंगे तभी वह कहेंगे।
…( व्यवधान)
श्री प्रमोद महाजन : मैं साफ कर दूं कि मैंने आगरा के विषय में संसद में कोई निवेदन करने की बात नहीं कही। मैंने इतना ही कहा कि जो मुद्दा उठाया गया है, यह भावना मैं रक्षा मंत्री जी तक पहुंचाऊंगा। अभी कुछ सदस्यों ने जो मुद्दे उठाये हैं, उनकी भावनाएं मैं माननीय गृह मंत्री तक पहुंचा दूंगा।