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Title: Damage of agricultural land due to floods in northern parts of Bihar.
श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : सभापति महोदय, मैं बहुत संक्षेप में अपनी बात कहूंगा।
बिहार में प्रति वर्ष बाढ़ और बरसात से परेशानी होती है, इसे पूरा देश जानता है। बाढ़ और बरसात के बाद भी यह समस्या बनी रह जाती है कि जेंवर की जो जमीन होती है उसमें जल-जमाव हो जाता है। बहुत सी छोटी-छोटी नदियां हैं, जिनमें मिट्टी भर जाने के कारण जब बाढ़ और बरसात का पानी आता है तो वह नदी से बाहर निकलकर किसानों की फसल बर्बाद कर देता है। खासकर उत्तर बिहार, उत्तर प्रदेश में जो आपका निर्वाचन क्षेत्र है उसका हिस्सा और सिवान, छपरा, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर का यह जो पूरा क्षेत्र है, इसमें बराबर यह समस्या बनी रहती है। [R16]
बिहार सरकार ने नदियों को जोड़ने का एक[R17] प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेजा है। मैं केन्द्र सरकार से कहना चाहता हूं कि वह इस पर पहल करे और योजना आयोग भी इस पर विचार करे। लेकिन किसानों की जो तात्कालिक समस्या है, वह छेवर में जल जमा होना और छोटी-छोटी नदियों में मिट्टी भर जाना है। अगर छेवर से जल और नदियों से मिट्टी निकाल दी जाए तथा बड़ी-बड़ी नदियों पर पुल और नहरें बनाकर उन्हें मिला दिया जाए, तो मैं महसूस करता हूं कि इस समस्या का कुछ हद तक समाधान हो जाएगा। मैं आपके माध्यम से भारत सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि वह राज्य सरकार से प्रस्ताव मंगाकर उस पर कार्य करे और छोटी-छोटी नदियों से मिट्टी की निकालने तथा छेवर से जल निकासी का प्रबंध करे। इससे बिहार, खासकर उत्तर बिहार के किसानों की समस्या का समाधान हो जाएगा।
* Not recorded
सभापति महोदय : श्री बसुदेव आचार्य, कृपया संक्षेप में अपनी बात कहें।