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Title: Discontentment due to alleged attempts by the Rai Bareilly district administration to prevent a Union Minister from inspecting a newly constructed bridge near Dalamau town in Rai Bareilly, U.P.
श्री जगदम्बिका पाल (डुमरियागंज): उपाध्यक्ष महोदय, मैं एक अत्यंत लोक महत्व के अविलम्बनीय प्रश्न की तरफ आपका, पूरे सम्मानित सदन और सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं। मैंने जो प्रश्न आपके समक्ष आपकी अनुमति से प्रस्तुत किया है, यह प्रश्न किसी सत्तापक्ष या प्रतिपक्ष का नहीं है, यह प्रश्न सम्पूर्ण सदन के और इस विधायिका के सम्मान का प्रश्न है। हमें इस माननीय सदन के सदस्य के रूप में जो विशेषाधिकार प्रदत्त है, यह उसका प्रश्न है। इस सम्मानित सदन के जो विशेषाधिकार हैं, यह उनकी अवमानना से जुड़ा हुआ प्रश्न है और इस सम्मानित सदन के सदस्य के रूप में जो अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करता है, अगर उस उत्तरदायित्व के निर्वहन में कोई बाधा उत्पन्न होती है और उससे सदन की जो अवमानना होती है, यह उससे जुड़ा हुआ प्रश्न है।
मान्यवर, इस सम्मानित सदन के सदस्य भी हैं और केन्द्रीय मंत्री के रूप में वह अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। यह स्पष्ट है कि केन्द्र सरकार की जो भी सैन्ट्रली स्पान्सर्ड स्कीम होती हैं, उनके संबंध में2003में भूतल मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक सर्कुलर जारी किया है कि जो सैन्ट्रली स्पान्सर्ड स्कीम होगी, उसका उद्घाटन केन्द्रीय मंत्रालय की अनुमति या उसकी राय से होगा। उस संबंध में 17 फरवरी को केन्द्रीय भूतल मंत्रालय ने एक पत्र लिखा कि रायबरेली में एक पुल का निर्माण हुआ है, जो सैन्ट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम के अंतर्गत केन्द्र पोषित सहायता से हुआ है। उसका उद्घाटन मार्च के द्वितीय सप्ताह में वहां की संसद सदस्या, श्रीमती सोनिया गांधी करेंगी। कल केन्द्रीय राज्य मंत्री, कुंवर आर.पी.एन.िंसह जी उस पुल के उद्घाटन के पूर्व निरीक्षण करने के लिए जा रहे थे। लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार ने उन्हें उस पुल के स्थल दलमऊ तक जाने नहीं दिया और नेशनल हाईवे पर जिलाधिकारी…( व्यवधान)
श्री दारा सिंह चौहान (घोसी): यह गलत बोल रहे हैं…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : उन्हें बोलने दीजिए, आप उनके बाद बोलियेगा।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : इन लोगों की कोई बात रिकार्ड में नहीं जायेगी।
…( व्यवधान) *
उपाध्यक्ष महोदय : कृपया बैठ जाइये। आप उन्हें बोलने दीजिए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : उन्हें बोलने दीजिए।
…( व्यवधान)
श्री दारा सिंह चौहान : महोदय, इस पर चर्चा करा लीजिए।…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : महोदय, मैं केवल सदन का ध्यान आकृष्ट कर रहा हूं। मैं ऐसी कोई बात नहीं कह रहा हूं कि हमारे बहुजन समाज पार्टी के सदस्य आपकी अनुमति दिये जाने के बावजूद भी जिस तरीके से व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : सिर्फ जगदम्बिका पाल जी की बात रिकॉर्ड में जाएगी, बाकी किसी की बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी।
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : यह कदाचित इस बात को दर्शाता है कि जब ये इस सदन में मुझे नहीं बोलने दे रहे हैं तो इनकी मुख्यमंत्री उन केन्द्रीय मंत्री को वहां जाने से रोकने की, निश्चित तौर से मैं जो बात कह रहा हूं, उसकी पुष्टि हो रही है।…( व्यवधान) मैं यह इसलिए कहना चाहता हूं।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप अपनी बात संक्षेप में बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : महोदय, साधारण व्यक्ति को भी भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 के अंतर्गत राइट टू फ्रीडम ऑफ स्पीच एंड एक्सप्रेशन, राइट टू सैटल एनीवेयर, राइट टू मूव इन द कंट्री, देश में कहीं भी आने-जाने की स्वतंत्रता है। अगर किसी व्यक्ति को बिना किसी कारण से रोका जा रहा है तो यह अनलॉफुल हुआ, वह अरेस्ट की श्रेणी में हुआ और एक ही सदन के सम्मानित सदस्य।…( व्यवधान)
वे इस सदन के सम्मानित सदस्य हैं।…( व्यवधान) मान्यवर, यह पूरे सदन की, मैं नेता प्रतिपक्ष से भी कहूंगा, सभी दल के सम्मानित नेताओं से कहूंगा कि अगर केंद्र के एक मंत्री को कल राज्य सरकार के इशारे पर इस तरह से रोक दिया जाए।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कृपया बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : यह किसी के भी साथ हो सकता है। यह सवाल केवल केंद्र के मंत्री का नहीं है। जबकि 17 फरवरी को यह पत्र लिखा जा चुका था कि मार्च के दूसरे सप्ताह में इसका उद्घाटन होगा।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय :आप लोग बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : श्री शैलेन्द्र कुमार।
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : यह संविधान की रक्षा करने का प्रश्न है। यह प्रश्न संविधान से जुड़ा हुआ है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : श्री शैलेन्द्र कुमार जी, आप बोलिए। उनका रिकॉर्ड में नहीं जाएगा।
(Interruptions) …*
उपाध्यक्ष महोदय : जगदम्बिका पाल जी, आपकी बात आ चुकी है।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : केवल शैलेन्द्र कुमार जी की बात रिकॉर्ड में जाएगी। बाकी किसी की बात रिकॉर्ड में नहीं जाएगी।
(Interruptions) … *
श्री शैलेन्द्र कुमार : महोदय, हाऊस ऑर्डर में नहीं है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : जगदम्बिका पाल जी, आपकी बात रिकॉर्ड में नहीं जा रही है। आपका समय समाप्त हो गया है। अब आप बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप बैठ जाइए। आपको विषय रखने के लिए समय दिया था, विषय आपने रख दिया है। अब आप बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कृपया बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : हमने आपको विषय रखने की अनुमति दी थी, आपने विषय रख दिया, अब आप उसके बाद क्यों बोल रहे हैं?
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कृपया,बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
श्री शैलेन्द्र कुमार : महोदय, कुछ सुनाई नहीं पड़ रहा है। आप इन्हें बिठाइए।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : कृपया बैठ जाइए।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : हमने आपको अनुमति दी, आपने अपना विषय रखा। अब उसे बहुत ज्यादा लंबा करने की जरूरत नहीं है।
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : शैलेन्द्र कुमार जी, आप संक्षेप में बोलिए। आपने नोटिस दिया था, इसलिए आपको समय दे रहे हैं।
…( व्यवधान)
श्री शैलेन्द्र कुमार : महोदय, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद कि आपने मुझे इस सदन में लोक महत्व के अति महत्वपूर्ण प्रश्न पर बोलने का अवसर प्रदान किया। इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। अभी टेलीविजन पर पट्टी चल रही है कि उत्तर प्रदेश विधान सभा प्रतिपक्ष के नेता श्री अहमद हसन जी और सदस्य विधान परिषद श्री राकेश सिंह राणा… …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : एक समय में एक आदमी बोलिए।
…( व्यवधान)
श्री शैलेन्द्र कुमार : ये लोग बरेली जा रहे थे। …( व्यवधान) बारह-वफ़ात का जुलूस मलीहाबाद में मुस्लिम भाई प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी उठा रहे थे। वहाँ पर ज़बर्दस्त लाठीचार्ज हुआ, …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप तीन लोग क्यों बोल रहे हैं? हमने सिर्फ शैलेन्द्र कुमार जी को अनुमति दी है। इसके अलावा किसी की बात रिकार्ड पर नहीं जाएगी।
(Interruptions) … *
श्री शैलेन्द्र कुमार:वहाँ पर तमाम दुकानें जलाई गईं, घर जलाए गए, जिससे वहाँ बहुत बड़े पैमाने पर लोग घायल हुए हैं। मैं आपसे निवेदन करना चाहूँगा कि वहाँ हिन्दू-मुस्लिम का कोई टकराव नहीं है, केवल वहाँ प्रदेश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं है। अहमद हसन, राकेश सिंगराना और विधान सभा के नेता शिवपाल सिंह जी को वहाँ गिरफ्तार किया गया है। मैं आपके माध्यम से मांग करना चाहूँगा कि …( व्यवधान)