Judgements

Discussion Regarding Financial Package For The State Of Bihar. … on 16 May, 2002

Lok Sabha Debates
Discussion Regarding Financial Package For The State Of Bihar. … on 16 May, 2002

16.25 hrs.
 

Title: Discussion regarding financial package for the State of Bihar. (Concluded).


 
 

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह

(वैशाली):सभापति महोदय, मैं आपको, इस सदन और इस सदन के माननीय सदस्यों को बिहार की ८ करोड़, ३० लाख ५५ हजार जनता की ओर से इस अहम सवाल पर नियम १९३ के अधीन चर्चा के लिए बधाई देता हूं कि बिहार का आर्थिक संकट, बिहार का पिछड़ापन और बिहार की समस्या पर सदन का बहुमूल्य समय चर्चा के लिए दिया जा रहा है।

महोदय, बिहार का गौरवशाली इतिहास है। आदिकाल, वैदिक काल और पौराणिक काल – सभी कालों में बिहार के गौरवशाली इतिहास का जिक्र है। भगवान राम और श्रीकृष्ण के महाभारत में बिहार का जिक्र है। मगध के समय में जब हिन्दुस्तान की राजधानी पाटलिपुत्र थी, हिन्दुस्तान दुनिया के देशों में पहले स्थान पर था। भगवान महावीर का जन्म बिहार में हुआ और अहिंसा व शांति का सन्देश वैशाली से चला। भगवान बुद्ध की कर्म भूमि बिहार है। जब ज्ञान कहीं नहीं मिला, तो बोधगया से उनको ज्ञान मिला। लिच्छवी गणतन्त्र जनतन्त्र की जननी है, जहां पर जनतन्त्र का जन्म हुआ। हमने अब्राहम लिंकन से डैमोक्रेसी नहीं सिखी है, बल्कि हमारे पुरखों ने जम्हूरियत, डैमोक्रेसी को पैदा किया है। आज से २६०० बरस पहले, भगवान बुद्ध ने वैशाली में कहा था – नियम बनाकर शासन करते हैं। कानून का राज है। वैशाली के संबंध में राष्ट्रकवि दिनकर की कुछ पंक्तियों को मैं उद्धृत करना चाहता हूं –

“वैशाली जन का प्रतिपालक, गण का आदि विधाता,

जिसे खोजता देश आज, उस प्रजातन्त्र की माता।

रुको पथिक एक क्षण, मिट्टी को शीश नवाओ,

राज्य सद्धियों की समाधि पर, फूल चढ़ाते जाओ।”

 

 महोदय, बिहार में जनतन्त्र का जन्म हुआ।…( व्यवधान)इतिहास जानना जरूरी है। जौ कौमें इतिहास को याद करके काम करती है, वे कभी गुलाम नहीं हो सकती है। यह मेरा द्ृढ़ निश्चय और विश्वास है। सम्राट चन्द्रगुप्त, सम्राट अशोक और गुरुगोविन्द सिंह का वहां जन्म हुआ। तमाम धर्मों का वहां संगम है। १८५७ में बाबू कुंवर सिंह के नेतृत्व में अग्रेजी सल्तनत से पहली लड़ाई वहां लड़ी गई, जिसमें अंग्रेजों को पराजय मिली। २३ अप्रैल को बाबू कुवंर सिंह के नाम से विजय दिवस मनाया जाता है। …( व्यवधान)नालन्दा विक्रमशीला विश्वविद्यालय में दुनिया से लोग ज्ञान हासिल करने के लिए आते थे। …( व्यवधान)सवाल उठ रहा है कि बिहार की हालत क्यों खराब हुई। बिहार और झारखण्ड आजादी के समय एक था और हिन्दुस्तान में बिहार का स्थान तीसरा था। …( व्यवधान)गुड गवर्नेंस में बिहार एक उदाहरण था और पर-कैपिटा इनकम के हिसाब से बिहार का स्थान तीसरा था। …( व्यवधान)मैं सभी आंकड़े बता रहा हूं। क्षण भर में दिमाग घूम जाएगा और अंधकार दूर हो जाएगा। प्रथम पंचवर्षीय योजना में पर कैपिटा इन्वैस्टमेंट २५ रुपए हैं और द्वितीय पंचवर्षीय योजना में ४० रुपए हैं, जबकि अन्य राज्यों में पर कैपिटा इन्वैस्टमेंट ५० रुपए है।

थर्ड फाइव ईयर प्लान में ६७ रुपए बिहार में, जबकि ९० रुपए देश भर के सभी राज्यों में ।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN : Do not disturb him. Let him speak.

 
 

… (Interruptions)

 

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह

:महोदय,तीन वर्ष का एनुअल प्लान बना, जिसमें ४१ रुपए बिहार में और ६० रुपए नेशनल एवरेज का सभी राज्यों में है। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना में ८१ रुपए पर-केपिटा इनवेस्टमेंट हमारे बिहार में जब कि और देश भर के तमाम राज्यों में नेशनल एवरेज़ १४१ रुपए था। पांचवी पंचवर्षीय योजना में बिहार में १४० रुपए पर-केपिटा इनवेस्टमेंट है, जबकि नेशनल एवरेज़ देश भर के तमाम राज्यों में २३२ रुपए था। फलस्वरूप आधारभूत संरचना और समाज-सेवा में जहां बिहार तीसरे स्थान पर था, वहीं प्रथम पंचवर्षीय योजना में नौवे स्थान पर चला गया। दूसरी पंचवर्षीय योजना में १३वें स्थान पर, तीसरी पंचवर्षीय योजना में १६वें स्थान पर और चौथी पंचवर्षीय योजना में २२वें स्थान पर चला गया। आज वह सबसे नीचे हैं। जनसंख्या वृद्धि में राष्ट्रीय औसत १९९१-२००१ में २१.३४ प्रतिशत था और बिहार में २८.४३ प्रतिशत था।…( व्यवधान)

महोदय, बिहार की आबादी का घनत्व एक स्कवेयर किलोमीटर में ८८० है। देश भर में सबसे ज्यादा घनत्व इस समय बिहार में हैं। हम दुनिया में दूसरे स्थान पर थे, बंटवारे के बाद दूसरे से चौथे पर नहीं गए बल्कि तीसरे पर गए हैं।

MR. CHAIRMAN: Please do not interrupt him. Let him speak.

 
 

… (Interruptions)