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Incidents Of Police Firing In Aurai Block In Muzaffarpur District In … on 30 August, 2001

Lok Sabha Debates
Incidents Of Police Firing In Aurai Block In Muzaffarpur District In … on 30 August, 2001

Title: Incidents of police firing in Aurai block in Muzaffarpur district in Bihar and misbehaviour with the Members of Parliament by the Police.

श्री नवल किशोर राय

(सीतामढ़ी): उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपके सामने एक बहुत ही गंभीर मामला रखना चाहता हूं। क्रान्ति दिवस ९ अगस्त के अवसर पर बिहार राज्य के मेरे क्षेत्र औराई गांव के लोग बाढ़ से राहत मांगने गये तो उन पर गोलियां चलाई गईं। परिणामस्वरूप चार लोग मारे गये और ५० लोग घायल हो गये। इस सवाल पर शान्तिपूर्ण घोषित कार्यक्रम के अनुसार मैं मुजफ्फरपुर कलैक्ट्रेट के गेट पर अपने साथियो के साथ धरना पर बैठा था। तभी आरक्षी अधीक्षक, मुजफ्फरपुर आये और मुझे कहा कि हम गिरफ्तार करेंगे। हमने जब गिरफ्तारी का वारंट मांगा तो वारंट देने की बजाय पुलिस कर्मचारियो की भारी भीड़ को बुलाया और कहा कि मैंने आज तक इतने सारे एम.पीज़ देखे हैं और कहा कि इसे उठा लो और नहीं चले तो घसीट कर ले जाओ। तुरंत मुझे घसीटकर ले गये और साथ ही ३९ लोगों को लॉक अप में बंद रखा। हमें हाजत में बंद रखा और हाजत में ही बंद नहीं रखा, रात के ११ बजे तक बिना पानी के बंद रखा । हमें रात्रि को छोड़ा । जिसके कारण हम १० तारीख को सदन की कार्रवाई में भाग नहीं ले सके । २१ तारीख को हमने विशेषाधिकार हनन का नोटिस सचिवालय को दिया है । २४ तारीख को हमने इसे सदन में रेज किया था और माननीय अध्यक्ष महोदय से मिलकर नोटिस भी दिया था । लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई । एक आरक्षी अधीक्षक ने हमारे साथ दुव्र्यवहार किया । हमने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया हुआ है । हम आपका नियमन चाहते हैं, आपका संरक्षण चाहते हैं ।…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा (गोपालगंज): उपाध्यक्ष महोदय, आप इसे देख लीजिए ।…( व्यवधान) … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Please do not show it. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Please do not show it. You are not permitted to show it. You can say. I allow you to associate with it.

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : उपाध्यक्ष महोदय, हम एसोसिएट करना चाहते हैं ।…( व्यवधान)

श्री रघुनाथ झा : उपाध्यक्ष महोदय, इन तस्वीरों को देख लीजिए, इनके साथ कैसा व्यवहार किया गया है …( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: One at a time please. How can I allow everybody at a time?… (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Raghunath Jha, let him complete please. Please do not show it. You are not permitted to show this kind of things.

SHRI KIRTI JHA AZAD : Sir, I associate with this matter.… (Interruptions)

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव

: उपाध्यक्ष महोदय, मैं विषय की गंभीरता पर बोलना चाहता हूं, …( व्यवधान)यह ऐसा सवाल नहीं है, यह विषय बहुत गम्भीर है । यह केवल श्री नवल किशोर राय का ही सवाल नहीं है पूरे सदन के माननीय सदस्यों…( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Devendra Prasad Yadav, all of you are standing together. One at a time please. I have given the floor to him.

श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव: उपाध्यक्ष महोदय, यह प्रीविलेज का मामला है । मेरा आपसे निवेदन है कि हमें आपका संरक्षण चाहिए । माननीय सदस्यों के साथ जो दुव्र्यवहार हो रहा है, उस पर हम आपका संरक्षण चाहते हैं । इसे प्रीविलेज कमेटी में कार्रवाई के लिए भेजना चाहिए । यह मैटर आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रीविलेज कमेटी में भेजना चाहिए । यह केस इस तरह का है कि यह माननीय सदस्यों के विशेषाधिकार का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है ।…( व्यवधान)

श्री चन्द्रशेखर (बलिया, उ.प्र.) : उपाध्यक्ष महोदय, अभी माननीय सदस्यों ने…( व्यवधान)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Simranjit Singh Mann, I will give you the floor after Shri Chandra Shekhar.

श्री चन्द्रशेखर: उपाध्यक्ष महोदय, माननीय सदस्य ने जो सवाल उठाया है वह अत्यंत गम्भीर सवाल है । अगर किसी सदस्य के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया और सदन उस पर भी मौन रह जाए तो इससे बुरी स्थिति और कोई नहीं हो सकती । उपाध्यक्ष महोदय, मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि कभी-कभी सरकार की तरफ से जो प्रतक्रिया होती है, वह अत्यंत आपत्तिजनक होती है और मेरे जैसे लोगों के लिए यह कठिन हो जाता है कि सदन में बैठे रहें या उठकर चले जाएं । मैं वाक-आउट करने का समर्थक नहीं हूं । मैंने जिंदगी में कभी वाक-आउट नहीं किया है । लेकिन जिस तरह का भाषण हमारे प्रमोद महाजन ने दिया है, हम भी मानते हैं कि सरकार किसी को भी राजनीतिक तौर पर चाहे वह किसी मत को मानने वाला हो, नियुक्त कर सकती है । लेकिन बाहर राजदूत नियुक्त करना एक बड़ा गम्भीर सवाल है । अगर वह चाहते हैं कि अमरीका में भी हिन्दुत्व का सवाल उठे तो उन्हें मुबारक हो । इस बुद्धि से वह देश को कब तक चलायेंगे, मुझे मालूम नहीं है। लेकिन आज इस सवाल पर हम लोग कैसे चुप रह जाते हैं।

एक सवाल श्री नवल किशोर राय ने उठाया है तो अध्यक्ष महोदय और उपाध्यक्ष महोदय आपको स्वयं ही इस मामले को जांच के लिए प्रीविलेज कमेटी में भेजना चाहिए । चूंकि अखबार को देखने से ऐसा लगता है कि उनके साथ जो हुआ है वह अत्यंत दुव्र्यवहारपूर्ण व्यवहार हुआ है और मैं उनसे अनुरोध करूंगा कि इसे ले जाकर स्पीकर या डिप्टी स्पीकर को दें और अगर इन्होंने दे दिया है तो इस पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई, इस बारे में लोक सभा सचिवालय और आपको इस मामले को देखना चाहिए ।

श्री विजय गोयल : इस मामले में हम भी इनके साथ हैं ।

SHRI M.O.H. FAROOK (PONDICHERRY): Sir, we support what our former Prime Minister has said.

MR. DEPUTY-SPEAKER: Factual note from the Ministry of Home Affairs was called for in the matter. Reminder issued on 29-08-2001. That is the position. After hearing from the Ministry, proper action will be taken.

SHRI SONTOSH MOHAN DEV : We support this. Drastic action must be taken.

SHRI CHANDRA SHEKHAR : Mr. Deputy-Speaker, Sir, in such matters, if so much delay is there, there should be some reason for that.

The State Government should be asked to send an explanation immediately. In these days of information technology, if there is no response on such sensitive matters for two weeks, there seems to be something lacking in the functioning of the State Government. The State Government should be called to explain this delay. … (Interruptions)

उपाध्यक्ष महोदय : यहां जो परंपरा है, हमने उसके मुताबिक ही पत्र भेजा है। वहां इतना विलंब हुआ है, यह बिल्कुल ठीक नहीं है। उसको एक्सपीडाइट कराना चाहिए, मैं भी उसमें आपसे सहमत हूँ। … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: Nothing should go on record now.(Interruptions)*

(* Not Recorded.)

SHRI SIMRANJIT SINGH MANN (SANGRUR): Mr. Deputy-Speaker, Sir, the whole House is exercised over the misbehaviour and the brutality of the police, of what Shri Nawal Kishroe Rai has just described. It is shameful that the police and the Home Ministry have not sent their replies so far in this matter. We expect and request that the hon. Deputy-Speaker may have this expedited immediately and justice should be done. Otherwise, Parliamentarians would meet the same fate as Shri Rai has met.

Thank you. … (Interruptions)

MR. DEPUTY-SPEAKER: We have been following certain norms. Whenever such things happen, we get the veracity of the information checked. So, we have followed it in the same manner. There seems to be some undue delay.… ()