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Laid A Statement Regarding Status Of Implementation Of The … on 25 February, 2009

Lok Sabha Debates
Laid A Statement Regarding Status Of Implementation Of The … on 25 February, 2009

12.06 hrs

Title: Laid a statement regarding Status of implementation of the Components of Bhart Nirman relating to Ministry of Rural Development.

* m01

 

ग्रामीण विकास मंत्री (डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह): अध्यक्ष महोदय, मैं ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबंधित भारत निर्माण के संघटकों के कार्यानिवयन की स्थिति के बारे में एक वक्तव्य सभा पटल पर रखता हूं।

ओ देश के ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता , भारत निर्माण की समयबद्ध कार्य योजना में परिलक्षित होती है जिसमें वर्ष 2005 से 2009 तक की 4 वर्ष की अवधि के दौरान ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के निर्माण हेतु 1,74,000 करोड़ रूपए के निवेश की व्यवस्था की गई है । ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 85,000 करोड़ रू0 के अनुमानित निवेश से भारत निर्माण के छह घटकों में से तीन घटकों अर्थात् ग्रामीण सड़कें, ग्रामीण आवास तथा ग्रामीण पेयजल आपूर्ति का कार्यान्वयन किया जा रहा है ।

 

            मुझे इस सदन को यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि वर्ष 2004-05 से अब तक मंत्रालय ने इन तीन घटकों के कार्यान्वयन पर 67858 करोड़ रू0 खर्च किए हैं और इस वित्त वर्ष के अन्त तक 6563 करोड़ रू0 उपयोग किए जाने की योजना है । घटकवार लक्ष्य, उपलब्धियां तथा कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं इस प्रकार हैं-

 

ग्रामीण सड़कें

            ग्रामीण सड़क घटक के तहत भारत निर्माण की समयावधि के दौरान 48,000 करोड़ रू0 के निवेश की योजना थी जिसकी तुलना में अब तक 33,531 करोड़ रू0 का उपयोग कर लिया गया है और इस वित्त वर्ष के अन्त तक 3496 करोड़ रू0 का उपयोग किए जाने की योजना हे । 1,46,185 कि0मी0 नई सड़कों के निर्माण के लक्ष्य की तुलना में 75396 कि0 मी0 नई सड़कों का निर्माण किया जा चुका है तथा 33222 कि0मी0 नई सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है । जहां तक सड़कों के उन्नयन का संबंध है, 1,94,130 कि0मी0 सड़कों के उन्नयन के लक्ष्य की तुलना में 1,30,949 कि0मी0 सड़कों का उन्नयन किया जा चुका है तथा 53,118 कि0मी0 सड़कों का कार्य चल रहा है ।

            भारत निर्माण के अन्तर्गत, 59564 बसावटों को सड़क-संपर्क से जोड़ने के लक्ष्य की तुलना में 26230 बसावटों को सड़क-संपर्क उपलब्ध करा दिया गया है तथा 23405 बसावटों संबंधी कार्य प्रगति पर है ।

 

 

  * Laid on the Table and also placed in Library See No. LT-10759/09.

 

            सड़क कार्यों की उच्चस्तरीय गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक त्रिस्तरीय गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है । नागरिक सूचना पट्ट के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है । कार्यों के संयुक्त निरीक्षण के जरिए जन-प्रतिनिधियों की भागीदारी सहित जन-भागीदारी सुनिश्चित की गई है । ऑनलाइन प्रबंधन निगरानी एवं लेखाकंन प्रणाली को भी प्रचालित किया गया है । सड़क-वार ब्यौरा www.omms.nic.in  के पब्लिक डोमेन में उपलब्ध है ।

            इस सदन को सरकार के इस निर्णय से पहले ही अवगत कराया जा चुका है कि भारत सरकार द्वारा पहले के 25 मीटर के प्रावधान के स्थान पर पुलों के निमाण के लिए 50 मीटर की लम्बाई की अनुमति दी जा रही है । कॉजवेज की लागत (लम्बाई पर निर्भर न होते हुए) का भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा । बोली प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं स्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों को अप्रैल, 2009 से ई-प्रापण का सहारा लेने की सलाह दी गई है । ग्रामीण आवास

            ग्रामीण आवास के अंतर्गत भारत निर्माण की अवधि के दौरान 11,100 करोड़ रू0 के अनुमानित निवेश की तुलना में अब तक 16,988 करोड़ रू0 रिलीज किए गए हैं तथा इस वित्त वर्ष के अंत तक 1336 करोड़ रू0 रिलीज किए जाने का प्रस्ताव है । 60 लाख मकानों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था जिसकी तुलना में अब तक 63.48 लाख मकानों का निर्माण किया जा चुका है तथा 16.92 लाख मकान निर्माणाधीन हैं ।

 

            लाभार्थियों के चयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ” स्थायी आईएवाई प्रतीक्षा सूची ” की पद्धति शुरू की गई है ।

 

            इस घटक के अंतर्गत उपलब्धियों को इस बात को ध्यान में रखते हुए देखा जाना चाहिए कि मैदानी क्षेत्रों में मकान की प्रति इकाई लागत को बढ़ाकर 35,000 रू0 तथा पहाड़ी एवं जनजातीय क्षेत्रों में 38,500 रू0 कर दिया गया है और सिक्किम सहित पूर्वोत्तर राज्यों में वित्तपोषण पद्धति को मौजूदा 75: 25 के स्थान पर 90: 10 कर दिया गया है । मौजूदा वर्ष के बजट में उन परिवारों को मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने हेतु वित्तीय सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है जिन परिवारों के पास मकान निर्माण के लिए भूमि नहीं है ।

  ग्रामीण जल आपूर्ति

            ग्रामीण पेयजल आपूर्ति घटक के अंतर्गत, भारत निर्माण अवधि के चार वर्षों के दौरान आबंटन वर्ष 2004-05 में 2900 करोड़ रू0 से बढ़कर वर्ष 2005-06 में 4050 करोड़ रू0 (40औ) हो गया, वर्ष 2005-06 में 4050 करोड़ रू0 से बढ़कर वर्ष 2006-07 में 5200 करोड़ रू0 (28औ) हो गया, वर्ष 2006-07 में 5200 करोड़ रू0 से बढ़कर वर्ष 2007-08 में 6500 करोड़ रू0 (25औ) वर्ष 2007-08 में 6500 करोड़ रू0 से बढ़कर 2008-09 में 7300 करोड़ रू0 (12.3औ) हो गया । मेरे मंत्रालय द्वारा वर्ष 2005-06 में 4098 करोड़ रू0 वर्ष 2006-07 में 4560 करोड़ रू0 एवं वर्ष 2007-08 में 64,41.69 करोड़ रू0 का उपयोग किया गया है । वर्ष 2008-09 में 7300 करोड़ रू0 के बजटीय आबंटन में से मंत्रालय अब तक राज्यों को 58,03.54 करोड़ रू0 उपलब्ध कराने में सक्षम रहा है । भारत निर्माण कार्यक्रम के अन्तर्गत, 60,3639 कवर न की गई, निचली श्रेणी में लौट आई एवं गुणवत्ता प्रभावित बसावटों को कवर करने के लक्ष्य में से मेरे मंत्रालय ने अब तक 5,90,725 बसावटों को कवर कर लिया है, जो लक्ष्य का 97.86औ है । हमें आशा है कि हम मार्च, 2009 के अंत तक बाकी बसावटों को कवर कर लेंगे ।

            जल गुणवत्ता का विकेंद्रित प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय पेयजल गुणवत्ता / निगरानी एवं पर्यवेक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है । प्रत्येक गांव में 5 व्यक्तियों को गुणवत्ता निगरानीकर्त्ताओं के रूप में प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा भारत सरकार राज्य एवं जिला जल गुणवत्ता जांच प्रयोगशालाओं के लिए सभी राज्यों को शत-प्रतिशत अनुदान देती है ।

 

          मुझे इस सम्मानीय सदन को यह बताते हुए बेहद प्रसन्नता हो रही है कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने भारत निर्माण की कार्य योजना के अनुसार कार्य किया है तथा पूर्ण समर्पण एवं प्रतिबद्धता के साथ निर्धारित उद्देश्यों को हासिल किया है ।

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