Title: Made a statement regarding Government Business for the week commencing the 3rd August, 1998.
11.04 Hrs
THE MINISTER OF PARLIAMENTARY AFFAIRS AND MINISTER OF TOURISM (SHRI MADAN LAL KHURANA): With your permission, Sir, I rise to announce that Government business during the week commencing Monday, 3rd August, 1998 will consist of:-
1. Consideration of any item of Government Business carried over from today’s Order Paper.
2. Consideration and passing of the Export-Import Bank of India (Amendment) Bill, 1998.
3. Consideration and passing of the Cotton Ginning and Pressing Factories (Repeal) Bill, 1998.
4. Discussion on Final Report of Jain Commission of Enquiry and Action Taken Report thereon.
“> श्री रामनारायण मीणा (कोटा) : अध्यक्ष महोदय, कृपया निम्नलखित विषयों को आगामी सप्ताह की कार्यसूची में सम्िमलित करने की कृपा करें:- १. खेजड़ली (राजस्थान) में व्ृाक्षों की रक्षा के लिए आत्मोसर्ग करने वाले ३६३ स्त्रियों, पुरुषों, बालकों की यादगार हेतु तथा पर्यावरण की महता के लिए प्रत्येक वर्ष भादोसुद्धी दसमी को “पर्यावरण दिवस” घोषित किया जाये। २. औद्योगिक नगर कोटा (राजस्थान) की कच्ची बस्ितयों का नियमन किया जाकर बस्ितयों के निवासियों को जनसुविधायें उपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीय सहायता उपलब्ध करवाई जाये।
“> श्री लाल बिहारी तिवारी (पूर्वी दिल्ली): अध्यक्ष महोदय, अब से लगभग १० महीने पहले १८ नवम्बर, १९९७ को वजीराबाद के पुल पर स्कूल बस के एकसीडेंट का हादसा हुआ था जिसमें लगभग २८ बच्चों की जान गई थी और ६२ घायल हुए थे। इस घटना के जहां और भी कारण थे वहीं यह भी महसूस किया गया था कि यमुना पार की बढ़ती हुई आबादी को देखते हुए यातायात की दृष्िट से यहां एक और पुल बनाने की आवश्यकता है। बस दुर्घटना के जांच अधिकारी ने भी यह सुझाव दिया था कि यहां पर एक और नया पुल बनाया जाना चाहिए कयोंकि इस पुल के बनने में समय लग सकता है। अत: एक नाव का पन्टून पुल तो तुरन्त बनाया जाना चाहिए जिससे यहां की जनता को आने-जाने में परेशानी न हो और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना से बचा जा सके। अत: मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि यह दोनों पुल शीघ्र बनाये जायें।
“> श्री आदित्यनाथ (गोरखपुर) : अध्यक्ष महोदय, कृपया निम्नलखित विषय को ३१ जुलाई, १९९८ की कार्रवाई में शामिल करने की अनुमति प्रदान करें: गोरखपुर महानगर (उ.प्र.) में धर्मशाला बाजार के निकट एक रेलवे पुल बना हुआ है जो बहुत ही कम ऊंचाई पर है। इस पुल का निर्माण नीचे की सड़क को गहराई में बदलकर किया गया है। सड़क दोनों तरफ से ढलान देकर रेलपुल के नीचे इतनी ज्यादा गहरी है कि थोड़ी सी भी बरसात होने पर पुल के नीचे सड़क पर ४ से ६ फीट तक पानी जमा हो जाता है जिसके कारण महानगर गोरखपुर की आबादी तो दो भागों में बंट ही जाती है साथ-साथ नेपाल तथा जनपद महाराजगंज, पड़रौना जाने वाले तथा इन जनपदों से गोरखपुर होकर देवरिया, बनारस, अयोध्या की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी आवागमन बंद हो जाता है। बरसात में प्रतदिन कई-कई घंटों तक यातायात जाम रहता है। अत: इस भयंकर त्रासदी से जनता को राहत दिलाने के लिए रेलवे पुल के ऊपर एक ऊपरी सेतु के निर्माण की अत्यंत आवश्यकता है। अत: मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि गोरखपुर धर्मशाला बाजार के रेलवे पुल के ऊपर मोटरमार्ग के लिए ऊपरी सेतु का निर्माण यथा-शीघ्र करवाने की व्यवस्था सुनश्िचत की जाए।
“>SHRI K.D. SULTANPURI (SHIMLA): Sir, I request that the following items may be included in next week business commencing from 3rd August, 1998:-
1. There are certain areas in Himachal Pradesh which have not yet been declared as Scheduled Tribe areas as the population of Tribes people known by the name Hati Community is in a majority in these areas. As such, these areas, particularly Sirmour and part of Shimla, be declared as Scheduled Tribe areas.
2. There is need to effect changes in Cantonment Law and the elected representatives of the Cantonment Boards be given more powers.
“> प्रो. अजित कुमार मेहता (समस्तीपुर) : महोदय, निम्नलखित सुझाव अगले सप्ताह की कार्यसूची में सम्िमलित किया जाए – १. राज्य सरकारों की वित्तीय स्िथति मजबूत करने तथा अधिक साधन सम्पन्न बनाने के लिए केन्द्रीय सरकार वचनबद्ध है। नेशनल एजेंडा में इसे उच्च स्थान दिया गया है। मेरा निवेदन है कि बिहार, म.प्र., उड़ीसा जैसे पिछड़े राज्यों के वित्तीय संसाधन को बढ़ाने के लिए इनकी खनिज सम्पदा की रायल्टी की दर उसके बाजार मूल्य में व्ृाद्धि के अनुपात से बढ़ाकर सरकार अपना वचन पूरा करे।
२. गाडगिल फार्मूला के वर्तमान स्वरूप के अनुसार वित्तीय संसाधन के बटवारे से विकसित राज्यों के पक्ष में सारा लाभ चला जाता है और पिछड़े राज्य संसाधन में भी पिछड़ जाते हैं। इससे क्षेत्रीय असन्तुलन बढ़ता है। अत: सरकार को इसमें समय के अनुसार सुधार करना चाहिए जिससे अगड़े और पिछड़े राज्यों में सन्तुलन कामय हो सके।”>
श्री जगत वीर सिंह द्रोण (कानपुर): महोदय, कृपया अगले सप्ताह की कार्यसूची में निम्नलिखइत विषय चर्चा हेतु करने की अनुमति प्रदान करने की कृपा करें :-
१. कानपुर स्िथत ब्रटिश इंडिया कॉपर्ोरेशन के अन्तर्गत आने वाली सूती मिलों – कानपुर टैकसटाइल, एलगिन नं.१ तथा एलगिन नं.२ को बंद करने के आदेश को निरस्त करना एवं इन मिलों के भविष्य पर निर्णय भी एन.टी.सी. मिलों के साथ लिया जाना। २. उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े एवं औद्योगिक नगर कानपुर, जिसकी जनसंख्या ४० लाख है, को हवाई सेवा उपलब्ध कराकर यहां के औद्योगिक स्वरूप को बचाने की महत्ती आवश्यकता।
“> डा. सुशील इन्दौरा (सिरसा): अध्यक्ष महोदय, सरकार द्वारा देश में लगभग १४ लाख रिहायशी छोटे, बड़े स्थलों की संख्या का अनुमान लगाया गया है। जहां लोग रहते हैं ये स्थान पहाड़ियों से लेकर मैदानी इलाकों तक के हैं। सरकार ने दावा किया है कि अभी तक लगभग १० लाख इन रिहायशी इलाकों में आंशिक व पूर्णरूप से पीने के पानी की व्यवस्था की जा चुकी है। सरकारी परिभाषा के अनुसार १० लाख के लगभग वे स्थान हैं जहां पर पीने के पानी की व्यवस्था डेढ़ किलोमीटर के दायरे में मौजूद है। डेड़ किलोमीटर दूर से सिर पर एक या दो घड़े पीने का पानी ढोने के बाद पानी की उपलब्धतता को कभी पानी की उपलब्धी की सुविधा नहीं माना जा सकता। मेरा सरकार से पहले यही अनुरोध है कि इस परिभाषा में संशोधन कर इस दायरे को डेढ़ किलोमीटर से घटाकर अधिक से अधिक १० मीटर तक ही किया जाए। इसके उपरांत अभी हाल ही की एक निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार ये तथ्य उभरकर सामने आए हैं कि मौजूदा जल व्यवस्था में २२ प्रतिशत जल पाइप आदि के उचित रख-रखाव के अभाव में खराब हो जाता है। पेयजल व्यवस्था खराब हो जाती है। अत: सरकार मौजूदा पेयजल स्थापित व्यवस्था के उचित रख-रखाव के लिए एक प्रभावी व्यवस्था करे ताकि व्यवस्था पर किए गए धन का लाभ आम नागरिकों को प्राप्त होता रहे। साथ ही शेष स्थानों पर पेय व्यवस्था कायम करने के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना के क़ियान्वयन की तत्काल घोषणा करें।
“> प्रो. प्रेम सिंह चन्दूमाजरा (पटियाला) : अध्यक्ष महोदय, आगामी सप्ताह की कार्यसूची में निम्न विषय को सम्िमलित किया जाये:- चालू वित्तीय वर्ष में अभी तक गत वर्ष की इस अवधि की तुलना में निर्यात सभी प्रकार की सुविधाओं के उपलब्ध कराने के साथ-साथ रुपये के भारी मात्रा में अवमूल्यन के बाद भी बढ़ाया नहीं जा सका है। स्वयं वाणिज्य मंत्री का मानना है कि निर्यात में कमी का कारण उत्पादन में मंदी आना है। उत्पादन में मंदी के संकेत देश की वित्तीय संस्थाओं से व्यापार व उद्योग के क्षेत्र में दिये गये ऋण की मात्रा को देखते हुए भी स्पष्ट मिल रहे हैं। इसमें सबसे चिन्ता की बात यह है, जैसा कि स्वयं वाणिज्य मंत्री जी ने चिन्ता व्यकत की कि यह औद्योगिक मंदी मांग के अभाव के कारण है। निरन्तर मांग की घटना और इसके कारण उद्योग व व्यापार में मंदी आना एक बड़ी चिन्ता की बात है। इसका स्पष्ट संकेत है कि देश की आर्िथक नीति में कोई ऐसी कमी आई हुई है, जिसके कारण उपरोकत परिणाम देश को झेलना पड़ रहा है। अतः हमें हमारी आर्िथक नीति पर गम्भीरता से पुनः विचार करने की समय रहते जरूरत है।
*m10″> श्री शिवराज सिंह चौहान (वदिशा): अध्यक्ष महोदय, अगले सप्ताह की कार्यसूची में निम्न विषय जोड़े जायें:- १. मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में नकसलवादी गतवधियों के बढ़ने के कारण उत्पन्न हुई कानून और व्यवस्था की स्िथति पर चर्चा की आवश्यकता। २. मध्य प्रदेश में अवर्षा की स्िथति के कारण सोयाबीन तथा धान की फसलों के नष्ट होने से उत्पन्न स्िथति पर चर्चा की आवश्यकता। श्री सोमनाथ चटर्जी (बोलपुर) : एकसटर्नल अफेयर्स पर चर्चा कराने का कया हुआ? संसदीय कार्य मंत्री तथा पर्यटन मंत्री (श्री मदन लाल खुराना): वह अगले हफते होगी। श्री सोमनाथ चटर्जी : इसमें इंडिकेट करना चाहिए था।
It was decided that we will take up the discussion on External Affairs on Monday. श्री मदन लाल खुराना: मैंने आपके कहने से पहले अध्यक्ष जी से प्रार्थना की है कि आज बी.ए.सी. की मीटिंग बुलायी जाए और अगले सप्ताह एकसटर्नल अफेयर्स पर चर्चा हो। जब वाजपेयी जी श्रीलंका से आएंगे तो स्टेटमैंट देंगे। इसके बाद एकसटर्नल अफेयर्स के ऊपर बहस होगी। आपने जो बात कही है, मैंने इसके बारे में ऑलरेडी अध्यक्ष जी से निवेदन किया है। वह इसके बारे में निर्णय लेंगे।
PROF. P.J. KURIEN (MAVELIKARA): Sir, regarding the recent development in Goa…(Interruptions).
MR. SPEAKER: There are two more items. I will allow you after that.
… (Interruptions)
________
11.04 1/2 hrs.
PAPERS LAID ON THE TABLE -Contd.
THE MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF FOOD AND CONSUMER AFFAIRS (SHRI SATYA PAL SINGH YADAV): Sir, I beg to lay on the Table a copy of the Consumer Protection (Amendment) Rules, 1998 (Hindi and English versions) published in Notification No. G.S.R. 88(E) in Gazette of India dated the 24th February, 1998, under sub-section (1) of section 31 of the Consumer Protection Act, 1986.
(Placed in Library. See No. LT 1443/98)
—-