an>
Title: Need for partnership with the farmers in Coal mining projects whose arable land has been acquired for the said projects.
श्री हंसराज जी. अहीर (चन्द्रपुर): अध्यक्ष जी, कोयले के उत्पादन हेतु कोल मंत्रालय द्वारा कोयले के खननके लिए निजी क्षेत्र में केपेटिव ब्लाक दिए जाए रहे हैं। इन केपेटिव ब्लाक के लिए जब किसानों की उपजाऊ भूमि आबंटित की जाती है, जो एल.ए. एक्ट, राज्य सरकारों के एक्ट और कोल बियरिंग एक्ट के अंतर्गत आबंटित की जाती है उसका दाम बहुत कम दिया जा रहा है। मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि एक एकड़ भूमि के लिए १२ हजार से १५ हजार रुपये दिये जाते हैं जो कि बहुत कम हैं। इस तरह से किसान की इच्छा न होते हुए भी उसकी भूमि जबरन आवंटित की जाती है और कैपटिव ब्लॉक उनके क्षेत्रों में दिये जा रहे हैं जिसके कारण किसान बेरोजगार हो रहे हैं, उनके हाथ का रोजगार छिनता जा रहा है। मैं चाहता हूं कि किसानों से नैगोसिएशन करके, उनकी भूमि के उचित दाम दिये जाए या फिर निजी क्षेत्र में जहां पर कोयले का उत्पादन किया जाता है उसमें उन्हें भागीदारी मिले। खेती पर निर्भर रहकर ये अपनी आजीविका चलाते हैं और अपने परिवार का पालन करते हैं। इनकी भूमि लेकर इनका रोजगार छीना जा रहा है। मैं चाहता हूं कि उन्हें उचित न्याय मिले।