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Title : Need to accord approval to the proposal of the Government of Madhya Pradesh providing potable water in Satna Parliamentary Constituency.
श्री गणेश सिंह (सतना): सभापति महोदय, मैं आपके माध्यम से भारत सरकार का ध्यान एक बहुत
ही महत्वपूर्ण विषय की ओर दिलाना चाहता हूं। शहरों की आबादी लगातार बढ़ती जा रही है और जो सुविधाएं हैं, वे लगातार घटती जा रही हैं। आज देश के कई ऐसे शहर हैं जिनका बहुत तेज गति से विस्तार हुआ है। लेकिन आज उनको न पेयजल मिल पा रहा है, न नाली आदि की व्यवस्था हो पा रही है और न ही अन्य जन सुविधाएं उपलब्ध हो पा रही हैं। ऐसे में भारत सरकार ने एक नयी योजना यूआईडीएसएसएमटी शुरू की थी। उस योजना के तहत शहरों को इस तरह की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सहायता राशि का प्रावधान है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि अभी तक इस योजना में जो भी सहायता राज्यों को उपलब्ध करायी गयी है, उसमें बहुत ही असमानता है। कई ऐसे राज्य हैं जिन्होंने प्रस्ताव प्राथमिकता क्रम में भेजे हैं। मध्य प्रदेश ने सात जुलाई को एक प्रस्ताव भारत सरकार को दिया था, जिसमें मेरे लोक सभा क्षेत्र सतना में नगर निगम क्षेत्र के लिए 73 करोड़ रुपये की लागत से एक प्रौजेक्ट बनाकर सबमिट किया है । दुर्भाग्य है कि आज तक उसे स्वीकृति नहीं मिली। मैंने मंत्रालय में जब सम्पर्क किया तो मुझे बताया गया कि राज्य की सीमा समाप्त हो चुकी है। मेरा निवेदन है कि शहरी क्षेत्रों में जिस गति से आबादी बढ़ रही है, हमें उनकी मदद करने के लिए, उसमें और अधिक बजट का प्रावधान करने की जरूरत है।
मैं भारत सरकार से आपके माध्यम से मांग करता हूं कि सतना नगर निगम का जो प्रस्ताव आया हुआ है, उस प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृत किया जाए और मध्य प्रदेश सरकार ने जो प्रस्ताव प्राथमिकता क्रम में भेजा है, उसको तत्काल स्वीकृत करें ताकि हम वहां के लोगों को पेयजल एवं अन्य सुविधाएं प्रदान कर सकें।