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Need To Accord Recognition Of €˜Post B.Sc. Diploma In Pharmacy’ … on 15 December, 2005

Lok Sabha Debates
Need To Accord Recognition Of €˜Post B.Sc. Diploma In Pharmacy’ … on 15 December, 2005


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Title : Need to accord recognition of ‘Post B.Sc. diploma in Pharmacy’ course in Awadesh Pratap Singh University under Reeva Constituency.

श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी (रीवा) : उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान रीवा विश्वविद्यालय जो कि मेरे संसदीय क्षेत्र में आता है, सरकार के नाम पर, उसके द्वारा की गई धोखाधड़ी की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं। वर्ष १९९४ में डिप्लोमा इन फार्मेसी खोला गया। हिन्दुस्तान के सभी अखबारों में प्रकाशित किया गया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से उसे मान्यता प्राप्त है, मध्य प्रदेश शासन से मान्यता प्राप्त है। २७६ छात्रों ने ८६३१ रूपये फीस देकर के एडमशिन लिया। कोई डेढ़-दो साल तक उन्होंने पढ़ाई की, इसके बाद उनको अंक सूची दी गई। उसको लेकर वे मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करवाने गए तो उनसे कहा गया कि इन्हें तो इस कोर्स की मान्यता ही नहीं है। वे लड़के इतनी राशि खर्च करने के बाद आज दर-दर भटक रहे हैं। इसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया को कहा, वहां से जब उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे हाई कोर्ट गए। माननीय दिल्ली हाई कोर्ट ने निर्देशित किया कि तीन महीने के भीतर इनकी समस्या का निराकरण किया जाए, लेकिन वह आज तक नहीं किया गया है।

उपाध्यक्ष महोदय, यह भारत सरकार के नाम पर धोखाधड़ी की गई है और फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सैक्शन ४२ सब-सैक्शन-१ की व्यवस्था और निर्देशों के अनुसार १९८४ में उन लड़कों का भी मेडिकल स्टोर खोलने के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ है, जो कला या विज्ञान संकाय में हायर सैकेंड्री पास थे[MSOffice83] ।

उन लड़कों ने फीस देकर विज्ञापन के आधार पर बीएससी में ५५ प्रतिशत नम्बर प्राप्त करने के बाद एक कोर्स किया, प्रायोजित परीक्षा पास की, डिज़र्टेशन किया और उसके बाद उनको जो डिप्लोमा दिया गया, उसके बाद भी उनको नहीं मिल रहा है। बाद में वह कोर्स बंद हो गया।

मैं भारत सरकार से कहना चाहूंगा, क्योंकि यह धोखाधड़ी उसके नाम पर हुई है, किसी सामान्य जालसाज ने यह धोखाधड़ी नहीं की है, एक शैक्षणिक संस्थान ने धोखाधड़ी की है, इसलिए कम से कम इतनी व्यवस्था करें कि वे २३९ डिप्लोमाधारी छात्र, जिन्हें एक साल हुआ है, उन्हें मध्य प्रदेश फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन दिया जाए ताकि वे अपना मेडीकल स्टोर खोल सकें।

MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Avinash, Khanna, you are allowed to raise only one matter.