Title: Need to adopt strict quality control measures and to strengthen the systems at the district level to encounter fake drugs.
श्री शिवराजसिंह चौहान (वदिशा) : हमारे देश में नकली दवाएं बनाने और बेचने का अवैध धंधा धड़ल्ले से चल रहा है। कोई गरीब आदमी दवा की दुकान से इस आशा के साथ दवा खरीद कर अपने स्वजन को देता है कि वह ठीक हो जाएगा, लेकिन वह दवा नकली निकलती है और जीवनदायिनी के बजाय जीवन लेने वाली बन जाती है।
इससे आप स्थिति की भयावहता की कल्पना कर सकते हैं। नकली दवाइयों में जीवन रक्षक दवाइयों से लेकर एंटी-बॉयोटिक और मल्टी-विटामिंस तक सम्मिलित हैं। नकली दवाइयां बनाने का कारोबार दिल्ली, उड़ीसा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक में चल रहा है। उड़ीसा में नकली दवाइयों के बनाने के षडयंत्र में अस्पताल, प्रशासन, डॉक्टर और दवा विक्रेता सभी सम्मिलित थे। आप स्थिति की भयावहता का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि प्रतिष्ठित दवा कंपनियों की दवाइयों की बिक्री में तीस से चालीस प्रतिशत कमी आई। दवाइयों की बिक्री इसलिए कम नहीं हुई कि बीमार कम हो गये बल्कि इसलिए कि तीस से चालीस प्रतिशत नकली दवाइयां हमारे गरीबों ने खरीदी और खाई। मैं सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि वैसे तो दवाइयों का उत्पादन, आय़ात, वितरण और बिक्री, औषधि और प्रसाधन अधनियम १९४० के तहत होती है और इसके तहत नकली दवाइयां बेचते हुए अगर कोई पाया जाता है तो दोषी को सजा और जुर्माना दोनों होते हैं लेकिन कारगर ढंग से इस कानून का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए मैं सरकार से निवेदन करना चाहूंगा कि दवा की गुणवत्ता की जांच प्रणाली को अधिक कारगर ढंग से लागू करके जिला स्तर पर भी दवा गुणवत्ता, नियंत्रण और जो हमारे संगठन हैं, उनको मजबूत किया जाये। जो वर्तमान कानून हैं, उनका कड़ाई से पालन किया जाये और जरूरत हो तो नये कानून बनाएं। यह मामला अधिक गंभीर है और जनता के जीवन से संबंधित है, इसलिए सरकार इसकी ओर ध्यान दे, मेरा इतना ही निवेदन है।