font>
Title: Need to allocate more funds for development of animal husbandry.
(फिरोजाबाद):उपाध्यक्ष महोदय, व्यक्ति हो या परिवार अथवा देश सभी के लिए आवश्यक है कि वह प्रगति पथ पर निरंतर बढ़ता चले किन्तु यह तभी संभव है जब वह अपने संसाधन, क्षमता और आवश्यकता को ध्यान में रखकर प्रगति पथ का चयन करे। देश की सामर्थ है ९४ प्रतिशत अकुशल श्रमिक वर्ग, साधन है नवयुवक का पसीना और आवश्यकता है अधिक से अधिक रोजगार के अवसर। इसलिए हमें देश में उद्योगों को चुनना होगा जिनमें अकुशल श्रमिक काम कर सकें और जो थोड़े पैसे से शुरू हो सकें तथा अधिकतम लोगों को रोजगार दे सकें। इस कसौटी पर पशु-पालन उद्योग खरा उतरता है। अभी देश में इस उद्योग के माध्यम से १९ मलियन लोग रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। सकल घेरलू उत्पादन में इस उद्योग की भागीदारी ६ प्रतिशत से ८ प्रतिशत तक है। नौंवी पंचवर्षीय योजना में इस क्षेत्र के लिए १.१ प्रतिशत राशि आवंटित की गई थी। १०वीं पंचवर्षीय योजना में यह मात्र ०.६ प्रतिशत आवंटित की गई है जो कि अत्यधिक कम है। अत: मेरा सरकार से आग्रह है कि तत्काल सरकार पशुपालन उद्योग पर पुन: विचार करे और कम के कम इस मौजूदा प्रतिशत को ३ प्रतिशत तक बढ़ाए।