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Title: Need to announce policy to address the problems being faced by the children suffering from mental illness in the country.
श्री हंसराज गं. अहीर (चन्द्रपुर) : अध्यक्ष महोदय, मैं स्वास्थ्य और सामाजिक दृिष्टकोण से एक बहुत महत्वपूर्ण विषय, मानसिक रूप से विकलांग बच्चों तथा उनके परिवारजनों के बारे में बोलने जा रहा हूं। विकलांग बच्चों को अतिशय दुर्लक्षित किया गया है और आजादी के बाद से अब तक सरकार ने इनके लिए कोई प्रमोशनल योजना नहीं बनाई है। मैंने इन मेंटली रिटार्डेड बच्चों और उनके घरवालों की जो अवस्था देखी है, वे लोग बहुत बुरी अवस्था में जीते हैं। मैंने अपने संसदीय क्षेत्र, चन्द्रपुर में राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान के माध्यम से एक कैम्प आयोजित किया था, जिसमें उनके स्वास्थ्य की जांच और उनके परिजनों के मार्गदर्शन की व्यवस्था की गयी थी। उसमें मेरे एक जिले से लगभग एक हजार ऐसे विकलांग बच्चे आए और उनके परिजनों ने भी इसमें भाग लिया था। जब मैंने उनके बारे में जानकारी ली तो पता चला कि इनकी शिक्षा के लिए, स्वास्थ्य की जांच के लिए सरकार कोई प्रावधान नहीं करती है। मैं इन लोगों के लिए प्रभावशाली योजना बनाने की सरकार से प्रार्थना करता हूं। इन बच्चों के लिए ऐसे स्कूल नहीं हैं, जहां ये पढ़ सकें। इसलिए मैं सरकार से मांग करता हूं कि हर जिले में विकलांग बच्चों के लिए एक स्कूल बने। मैं इनके परिजनों के लिए निर्वाह भत्ता या पेंशन देने की मांग करता हूं ताकि ऐसे बच्चों को पालने में गरीब परिजनों को जो तकलीफ होती है, वे बहुत मुश्किल से इन बच्चों को पालते हैं, ऐसे लोगों के लिए मैं पेंशन की मांग करता हूं।
MR. SPEAKER: Mr. Ahir, I thank you for raising this very important issue.