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Title: Need to bring uniformity in allocation of seats in degree colleges by the University Grants Commission in Uttar Pradesh-laid.
श्री जगदम्बिका पाल (डुमरियागंज):भारत के विभिन्न राज्यों के स्कूलों में22 करोड़ बच्चे पढ़ने जाते हैं, जिसमें केवल40 प्रतिशत बच्चे 12वीं क्लास पास करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 करोड़40 लाख बच्चे ही कॉलेज स्तर तक ही शिक्षा के लिए पहुंच पाते हैं। केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री जी ने पिछले दिनों कहा था कि सन 2020 तक देश में 30 प्रतिशत छात्र विश्वविद्यालय तक पहुंच पायेंगे। जबकि अभी केवल12.4 प्रतिशत छात्र ही कॉलेज एवं विश्वविद्यालय स्तर तक पढ़ रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार देश में अभी 500 विश्वविद्यालय एवं 25,000 महाविद्यालय हैं जबकि 4 करोड़60 लाख बच्चों को कॉलेज की शिक्षा के लिए800 विश्वविद्यालय एवं 35 से 40 हजार डिग्री कॉलेज खोलने की आवश्यकता है। आज देश में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा के अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों में कक्षा संचालन के लिए 187 छात्रों को ही मान्यता दी जा रही है जबकि उत्तर प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालय जैसे कानपुर में560, लखनऊ विश्वविद्यालय में 420 एवं पूर्वांचल में 360 सीटें प्रदान की जा रही हैं जबकि उपरोक्त सीटों के अंतर को समाप्त करके प्रत्येक विश्वविद्यालयों की सीटों के आबंटन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा एकरूपता कायम करने का निर्णय लेना चाहिए।