Title: Need to check the corruption charges on the high officials/bureaucrats.
श्री विजय गोयल (चांदनी चौक) : अध्यक्ष महोदय, मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना चाहता हूं। पिछले दिनों सीबीआई ने दिल्ली के एक बहुत बड़े अधिकारी के यहां छापा मारकर दो करोड़ रुपए से अधिक का धन, जिसमें फ्लैट्स, मकान और आभूषण आदि, मिले हैं।
१३.१५ बजे(डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह पीठासीन हुए)
मुझे खेद के साथ कहना पड़ता है कि आज राजनेता तो बदनाम हैं, किन्तु आज तक कितने नौकरशाहों और ब्यूरोक्रेट्स के यहां जांच की गई है या रेड की गई है और वहां लाखों-करोड़ों का सामान मिला है।
…( व्यवधान) मेरा यह कहना है कि जो नौकरशाह और ब्यूरोक्रेट्स हैं, जितने भी लोग महत्वपूर्ण पदों के ऊपर हैं, इनकी जिस समय नियुक्तियां होती हैं या ये ज्वाइन करते हैं उस समय इन्हें अपनी सम्पत्ति डिक्लेयर करने के लिए कहना चाहिए। माननीय विट्ठल साहब ने लिस्ट दी है। हम देखते हैं कि बड़े-बड़े आफिसर बड़े-बङे पदों पर बैठे हैं, करोड़ों के घपले पाए गए हैं और उनके खिलाफ बड़ी-बड़ी जांच चल रही है। उसके बाद भी वे अपने पद पर बैठे हुए काम कर रहे हैं, जब कि एक इलैक्टेड व्यक्ति के पास थोड़ा सा भी कुछ मिल जाए तो उसे अगली बार जनता अनिर्वाचित कर देती है, हटा देती है। इसलिए मैं सदन के सामने यह बात रखना चाहता हूं कि देश में जो वभिन्न विभागों, अफसरशाहों के अंदर भ्रष्टाचार है,
उसकी जांच के लिए सरकार को कोई बिल लाना चाहिए, प्रावधान करना चाहिए ताकि इस भ्रष्टाचार को रोका जा सके, ये सारे सदन की मान्यता है।… (व्यवधान)
श्री रामदास आठवले (पंढरपुर) : महोदय, हमें भी बोलने का मौका दिया जाए।…( व्यवधान)
सभापति महोदय : अभी आप बैठिए। हम सब को बुलाएंगे, एक भी आदमी नहीं छूटेगा।