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Title: Need to continue the housing facilities extended to the families of Martyrs of 1971 war.
श्री रामजीलाल सुमन (फ़िरोज़ाबाद) : महोदय, यह कैसी विडंबना है कि सरकार एक ओर तो शहीदों को आंखों पर बिठाने की बात करती है और दूसरी ओर 1971 के शहीद परिवारों को दी गई सुविधाओं को खुद-ब-खुद छीनने की ओर है। यह हाल 1971 के शहीद परिवारों का ही नहीं है बल्कि कारगिल युद्ध व अन्यत्र शहीद परिवारों के साथ भी कुछ मायनों में ऐसा देखने को आया है।
1971 में शहीद परिवारों से सरकार ने वायदा किया था कि या तो वे पैसे ले लें या फिर उन्हें मकान बना कर सरकार देगी, जिसमें कुछ शहीद परिवारों ने तो अपनी आर्थिक तंगी को ध्यान में रखते हुए पैसे ले लिए पर कुछ ने मकान लिए। सरकार ने वायदा किया कि पांच साल के लीज पर मात्र एक रूपये वार्िाक की दर से उन्हें यह मकान उपलब्ध करवाया जायेगा, उसके बाद सरकार ने ही घोाणा कर दी कि शहीद परिवारों को उन्हें आबंटित मकान हमेशा के लिए दे देगी। परन्तु, अब उन्हीं शहीद परिवारों को जिन्हें सरकार ने मकान दिए थे, रक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर मकान खाली करने को कहा है। रक्षा विभाग ने शहीद परिवारों को नोटिस देकर उन्हें मुसीबत में डाल दिया है।
सरकार से आग्रह है कि शहीद परिवारों को दी गई सुविधाओं, खासकर मकान को छीनने के किसी भी कदम को तत्काल वापस ले और उन्हें संभव हो तो और भी सुविधायें देने के लिए कदम उठाये।