Judgements

Need To Declare 6, Krishna Menon Marg, New Delhi As Babu Jagjivan Ram … on 29 November, 2002

Lok Sabha Debates
Need To Declare 6, Krishna Menon Marg, New Delhi As Babu Jagjivan Ram … on 29 November, 2002


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12.30 hrs.

Title: Need to declare 6, Krishna Menon Marg, New Delhi as Babu Jagjivan Ram National Memorial.

श्री राम विलास पासवान

(हाजीपुर) :मैं इस सदन में आपको धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने ६ कृष्णमेनन मार्ग के मुद्दे को रखने की अनुमति दी और यहां पार्लियामेंट्री अफेयर्स मंत्री मौजूद हैं। उन्होंने इस सदन को आश्वासन दिया था कि इस मामले को वह प्रधान मंत्री की नॉलेज में लाएंगे। इस बीच में अखबार में देखने को मिला कि पार्लियामेंट के एक जवाब में सरकार ने कहा है कि बाबू जगजीवन राम जी के ६, कृष्णा मेनन मार्ग को जो राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का मामला था, उसको रिजेक्ट कर दिया गया है। बाहर बार-बार सुप्रीम कोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि कोर्ट की मेरे पास कॉपी है। आप कहें तो मैं दे सकता हूं। कोर्ट ने १०-११-१९९८ के अपने अंतरिम आदेश में कहा था:

“On the overall consideration of the matter, we direct that no further allotment to the houses for the purposes of trusts, memorials and political parties shall be made by the Union of India without the leave of the court till the next date.”

 पहले पैराग्राफ में कहा क:

“A decision with regard to 6, Krishna Menon Marg and 1, Moti Lal Nehru Marg be placed before this court on the next date.”

 उसके बाद कोई फैसला नहीं हुआ और जो १, मोतीलाल नेहरू मार्ग था, उसको राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया गया। लाल बहादुर शास्त्री जी हम लोगों के नेता हैं, हमारे देश के नेता हैं, जो किया गया, बहुत अच्छा किया गया लेकिन Why is there a discrimination against Babu Jagjivan Ram? …( व्यवधान)मैं कहना चाहता हूं कि नौंवी लोक सभा के ११४ एमपीज, दसवीं लोक सभा के २६७ एमपीज और मदन लाल खुराना जी यहां बैठे हुए हैं, जार्ज फनार्ंडीज ने ११ जुलाई २००२ को लिखा। साहिब सिंह वर्मा ने ४ जुलाई २००२ को और बंगारू लक्ष्मण ने भी इस सदन को लिखा है। शरद यादव ने ३१ जुलाई २००२ को, सूरजभान जी ने २६ जुलाई २००२ को लिखा है। लाल बिहारी तिवारी जी ने लिखा है, एच.डी.देवगौड़ा जी ने लिखा है। इंद्रकुमार गुजराल साहब ने लिखा है। पी.वी.नरसिंहराव जी ने लिखा है, शंकर दयाल शर्मा जी ने राष्ट्रपति की हैसियत से २२ जुलाई १९९५ को पी.एम. को लिखा है। के.आर.नारायणन ने ६-७-२००२ को दुबारा लिखा। मनोहर जोशी जी ने स्पीकर की हैसियत से १६ सितम्बर २००२ को स्ट्रांगली रिकमेंड किया। २०००-२००२ को सैकड़ों एमपीज ने लिखा। इसमें जगजीवन राम जी का क्या क्राइम है? सब लोगों के लिखने के बावजूद भी लाल बहादुर शास्त्री जी का हो गया । कोर्ट ने कहा कि दोनों पर विचार करो तो जगजीवन राम जी के प्रति इस तरह का अन्याय मेरी समझ में नहीं आता है और यह सरकार…( व्यवधान)यह सरकार दलित वर्ग के प्रत…( व्यवधान)

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह

(वैशाली):बाबू जगजीवन राम जी एक महान स्वतंत्रता सैनानी थे।…( व्यवधान)

इस तरह से उनके साथ जो भेदभाव किया गया है, उसको बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।…( व्यवधान)सदन में सरकार बताएं कि सरकार का क्या कहना है।…( व्यवधान)

श्री राम विलास पासवान:यह कोई साधारण मुद्दा नहीं है। यदि किसी को कोई आपत्ति है या सदन को आपत्ति है तो एक व्यक्ति भी खड़ा होकर बोले।…( व्यवधान)हम आपसे आग्रह करना चाहते हैं कि सरकार इस बारे में जवाब दे।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आपने यह महत्वपूर्ण विषय बहुत अच्छी तरह से रखा है। मैं सोचता हूं कि यह सब सूचना सरकार तक पहुंचाने की जरूरत थी जो आपने पहुंचाई है। अभी सरकार इस विषय में क्या उत्तर देती है, वह मैं देखना चाहता हूं।

 
 

…( व्यवधान)

 

SHRI HANNAN MOLLAH

(ULUBERIA): Sir, last week, the Parliamentary Affairs Minister assured us about this.… (Interruptions)

MR. SPEAKER: The Parliamentary Affairs Minister himself is the Government. Let him reply to this.

 
 

… (Interruptions)