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Title : Need to declare minimum support price of paddy.
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली): अध्यक्ष महोदया, सुखाड़ पर बहस हो गई, कृषि विभाग के अनुदान पर भी बहस हो गई लेकिन मुझे आश्चर्य और खेद है कि इस साल की खरीफ फसल धान के लिए मिनिमम सपोर्ट प्राइस का ऐलान अभी तक नहीं हुआ। पहले से परिपाटी है कि बुआई के सीजन से पहले मिनिमम सपोर्ट प्राइस का ऐलान होता है। किसान उससे उत्साहित होते हैं और सोचते हैं कि उन्हें अच्छी आमदनी होने वाली है तो बढ़िया खेती करते हैं, ज्यादा खेती करते हैं। लेकिन जुलाई माह बीत गया, जून में ही इसका ऐलान हो जाना चाहिए था। मैं नहीं जानता हूं कि सरकार में भी सुखाड़ हो गया है जहां जन-जीवन और गांवों में तो सुखाड़ था ही लेकिन क्या कारण है कि अभी तक मिनिमम सपोर्ट प्राइस का एलान नहीं हुआ?
दूसरे, हम चाहते हैं कि बढ़िया मिनिमम सपोर्ट प्राइस का ऐलान हो जिससे करीब 60 लाख हेक्टेअर जमीन में जो अभी तक बुआई का काम नहीं हुआ है, किसान और मेहनत करके, सिंचाई की व्यवस्था करके उसका इंतजाम कर सके, इसलिए मेरे दो सवाल हैं। एक तो यह है कि बढ़िया मिनिमम सपोर्ट प्राइस का ऐलान हो और जल्दी ऐलान होना चाहिए, जून में ऐलान होना चाहिए था। दो महीने का विलम्ब हो गया। क्यों सरकार निश्चिंत है और किसानोन्मुखी नहीं है? यह मैं जानना चाहता हूं, इसलिए जल्दी से जल्दी सरकार मिनिमम सपोर्ट प्राइस धान और खरीफ की फसल का एलान करे जिससे किसान प्रसन्न होकर उसमें और बुआई उत्साह से करे क्योंकि सुखाड़ संकट है, इसमें तो और जल्दी ऐलान करना चाहिए और अभी तक एलान नहीं किया गया है। इसी मुद्दे की तरफ मैं सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं।
SHRI PRABODH PANDA (MIDNAPORE): Madam, I associate myself with what Dr. Raghuvansh Prasad Singh has said.
MADAM SPEAKER: Yes, you can send the slip.