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Title : Need to enhance the proportion of Grants being given to Rajasthan as Central Assisstance.
श्री कैलाश मेघवाल (टोंक) : महोदय, केन्द्रीय योजना सहायता के अनुदान अनुपात का पुनर्विलोकन हेतु कइ राज्यों ने मांग की है, राज्य योजना के लिए केन्द्र सहायता ऋण व अनुदान के रूप में दी जाती है। वर्ष २००५-०६ से केन्द्रीय सरकार राज्य सरकारों को ऋण उपलबध नहीं करा रही है और केवल ३० प्रतिशत अनुदान की राशि ही उपलब्ध करा ही है। शेष ७० प्रतिशत की व्यवस्था राज्य सरकार द्वारा उधार के रूप में की जानी है। यह फार्मूला केन्द्रीय योजना सहायता के लिए बहुत लम्बे समय से अपनाया जा रहा है। केन्द्रीय सहायता में ऋण व अनुदान का अनुपात तर्कसंगत नहीं है।
योजना सहायता के अनुदान अनुपात पर तुरंत पुनर्विचार किए जाने की आवश्यकता है। केन्द्रीय ऋण एवं ब्याज भुगतान दायित्व के भार एवं केन्द्रीय योजना सहायता से ऋण का अनुपात अधिक होने के कारण राज्य संसाधन भारी दवाब में है। इसके अलावा, राज्य योजना के लिए देय केन्द्रीय योजना सहायता, ऋण का भाग अधिक होने के कारण अपने सहायता के स्वरूप को खो देती है। अत: केन्द्रीय योजना सहायता में अनुदान के अनुपात को कम से कम ५० प्रतिशत तक बढ़ाया जाना चाहिए। राजस्थान राज्य सहित ऐसी मांग देश की सभी सरकारों द्वारा की गयी है। अत: इस संबंध में अविलम्ब निर्णय लिया जाकर राज्यों के विकास की गति को तीव्र किया जाना अपेक्षित है।