Judgements

Need To Enquire The Matter Of Police Atrocities On Shri Vijay Sahay, … on 29 October, 1999

Lok Sabha Debates
Need To Enquire The Matter Of Police Atrocities On Shri Vijay Sahay, … on 29 October, 1999


Title: Need to enquire the matter of police atrocities on Shri Vijay Sahay, MLA, Madhya Pradesh.

श्री शिवराज सिंह चौहान (वदिशा) : माननीय अध्यक्ष जी, मैं बड़े भारी मन से यह मामला उठा रहा हूं कि देश को आज़ाद हुए ५२ वर्ष हो गए और परसों ही अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए विधान सभा और संसद में आरक्षण की अवधि दस साल के लिए हमने बढ़ाई है लेकिन जो अनुसूचित जाति और जनजाति के आम आदमी हैं, उनकी बात आप छोड़ दें, अनुसूचित जाति और जनजाति के विधायकों की कया हालत है, यह विषय मैं आपके सामने रखना चाहता हूं। मध्य प्रदेश के हरसूल से अनुसूचित जनजाति के विधायक विजय साह को वहां की पुलिस ने घेरकर बुरी तरह मारा पीटा, उनका हाथ तोड़ दिया, जूतों से, बंदूकों की बटों से, डंडों से उनको मारा।… (व्यवधान) जब उन्होंने भागने की कोशिश की तो पुलिस ने फिर दौड़कर उन्हें पकड़ा और फिर इतना मारा वह बेहोश हो गये और पुलिस वाले उन्हें मरणासन्न स्िथति में छोड़कर चले गये… (व्यवधान)

उनका अपराध केवल इतना था कि वह एक अनुसूचित जाति के व्यकित श्री किशन बसोड की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के विरोध में जुलूस निकाल रहे थे और शांतिपूर्वक ज्ञापन देने जा रहे थे।

… (व्यवधान)

MR. SPEAKER: Nothing will go on record except what Shri Shivraj Singh speaks.

(Interruptions)* श्री शिवराज सिंह चौहान: वह उस हत्या का विरोध कर रहे थे, जब वह जुलूस निकाल रहे थे तो उन्हें पुलिस ने घेरकर मारा। यह वही विजय सहाय हैं जो पुलिस की बर्बरता के चार मामले उठा चुके हैं। उनमें से एक मामला था कि पुलिस हिरासत में एक आदिवासी को पुलिस ने इतना मारा-पीटा और करन्ट लगाया, जिसके कारण वह नपुंसक हो गये। … (व्यवधान) उन्हें साथ में लेकर श्री विजय सहाय आदिवासियों को साथ लेकर माननीय ग्ृाह मंत्री जी के पास भी आये थे, माननीय ग्ृाह मंत्री जी को यह याद होगा… (व्यवधान)

और पुलिस अत्याचार के खिलाफ यह मामला उठाया था। मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री श्री दग्िवजय सिंह कुचलने की मनोव्ृात्ित से काम करते हैं। उनके संरक्षण में पुलिस कर्िमयों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश की।

… (व्यवधान)

यह एक अनुसूचित जाति और जनजाति के विधायक की जिंदगी का सवाल है। कया एक विधायक पुलिस हिरासत में अत्याचार का मामला नहीं उठा सकता। हमें मध्य प्रदेश की सरकार पर विश्वास नहीं हैं वहां के मुख्य मंत्री पुलिस को संरक्षण दे रहे हैं। मेरा आपके माध्यम से अनुरोध है कि केन्द्र सरकार इसमें हस्तक्षेप करे और श्री विजय सहाय और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान करे और वहां के पुलिस अधीक्षक तथा दोषी पुलिस कर्िमयों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करवाने की व्यवस्था करे तथा ऐसे कदम उठाये कि फिर से कोई अनुसूचित जनजाति का विधायक विजय सहाय न बन सके और सरकार इस मामले में बयान दे।

… (व्यवधान) श्री किरीत सौमैया (मुम्बई उत्तर-पूर्व): अध्यक्ष महोदय, इसी तरह की एक घटना महाराष्ट्र में भी हुई है। महाराष्ट्र में शिवसेना के विधायक श्री विनायक निम्रड़ के साथ पूना शहर में मार-पीट की गई। उन्हें विधान सभा के अधिवेशन में जाने से रोकने का प्रयत्न किया गया। महाराष्ट्र में अभी नई चुनी हुई कांग्रेस सरकार है। लेकिन किसी ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया है। वहां भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के विधायकों को धमकियां दी जा रही हैं। स्पीकर साहब, मैं केन्द्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि माननीय ग्ृाह मंत्री जी इस मामले में कार्रवाई करें … (व्यवधान)—————————————————————

* Not Recorded

MR. SPEAKER: You should not mention all the State matters in Lok Sabha. श्री मोहन रावले (मुम्बई दक्षिण): अध्यक्ष महोदय, मैं सदन का ध्यान एक गंभीर मामले की ओर आकर्िषत करना चाहता हूं। पोप जौन पॉल जो आज हिंदुस्तान आ रहे हैं, हमारी सरकार… (व्यवधान) श्री शिवराज सिंह : अध्यक्ष महोदय, सरकार इस मामले में बयान दें… (व्यवधान) श्री मोहन रावले : सर, पोप जौन पॉल आज हिंदुस्तान आ रहे हैं और हमारी सरकार उनका स्वागत कर रही है… (व्यवधान) श्री शिवराज सिंह (वदिशा): सर, मध्य प्रदेश सरकार बरबाद हो गई है, पुलिस के द्वारा विधायकों को जान से मारने की कोशिश की जा रही है। वहां के मुख्य मंत्री कुचलने की मनोव्ृात्ित से काम कर रहे हैं। इसलिए मेरा आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि वह इस मामले में बयान दे… (व्यवधान) श्री मोहन रावले : सर, पोप जौन पॉल आज हिंदुस्तान में आ रहे हैं और हमारी सरकार उनका स्वागत कर रही है… (व्यवधान) श्री शिवराज सिंह : मध्य प्रदेश सरकार द्वारा वहां के विधायकों को मारने की कोशिश की जा रही है। यह एक अनुसूचित जाति के विधायक का मामला है। इसलिए मेरा अनुरोध है कि सरकार इस मामले में बयान दे… (व्यवधान)

MR. SPEAKER: Please take your seat. What is this?

… (Interruptions)