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Title: Need to formulate a Central scheme for providing irrigation facilities to Adivasis who have been allotted land in Gadchiroli-Chimur Parliamentary Constituency of Maharashtra.
श्री मारोतराव सैनुजी कोवासे (गडचिरोली-चिमूर):देश के जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में जनजातीय लोगों को जीविकोपार्जन के लिए कृषि उपज हेतु वन भूमि का आबंटन किया गया है, लेकिन उनके लिए भूमि के सिंचन हेतु जल की कोई सुविधा प्रदान नहीं की जा रही है, जिस कारण जल के अभाव में आदिवासी लोग अपनी भूमि को कृषि उपज के लिए उपयोग में लाने में असमर्थ है एवं बेकारी की स्थिति में है। जब तक आदिवासी लोगों को आबंटित की गई भूमि के सिंचन हेतु जल की व्यवस्था नहीं कराई जाती है, तब तक वह भूमि उनके किसी उपयोग की नहीं है।
इस संबंध में यह बताना भी उचित होगा कि आज देश नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसका एक प्रमुख कारण इन क्षेत्रों को अविकसित होना ही है। यदि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास करके वहां के लोगों को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने का सतत् प्रयास किया जाये तो नक्सलवाद की समस्या से काफी हद तक निपटा जा सकता है।
अतः मेरा आपसे अनुरोध है कि देश के जनजातीय क्षेत्रों में विशेषकर महाराष्ट्र राज्य के आदिवासी गड़चिरौली-चिमूर संसदीय क्षेत्र में आबंटित की गई भूमि के लिए केन्द्रीय स्तर पर एक कार्यक्रम तैयार करके भूमि सिंचन हेतु पानी उपलब्ध करवाया जाये, जिससे नक्सलवाद से प्रभावित लोग केन्द्रीय योजना से लाभान्वित होकर राष्ट्र की मुख्य धारा से जुड़ सके।