Judgements

Need To Formulate An Effective Policy To Check The Incidents Of … on 9 November, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Formulate An Effective Policy To Check The Incidents Of … on 9 November, 2010


>

Title: Need to formulate an effective policy to check the incidents of ragging in educational institutions of the country.

श्रीमती जयश्रीबेन पटेल (महेसाणा):आदरणीय सभापति महोदय, सरकार द्वारा रैगिंग को कानूनी सज़ा देने लायक अपराध की घोषणा के बावजूद देश की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में रैगिंग के कारण अब तक तीन दर्जन छात्रों की मृत्यु हुई है। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में रैगिंग आम बात बन गई है। सरकार के विविध निर्देशों के बावजूद इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पिछले दिनों बनारस, कानपुर एवं कोलकाता की घटनाएँ एक साथ खबर में आने के बाद फिर से इस मुद्दे की गंभीरता का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है। रैगिंग को संयमित करने के लिए मैं कुछ सुझाव आपके माध्यम से प्रस्तुत करना चाहती हूँ। देश के भावी कर्णधार और राष्ट्रनिर्माता युवाओं में इस तरह की प्रवृत्ति आखिर क्यों घर कर रही है, इसका मनोवैज्ञानिक अध्ययन करने की ज़रूरत है। यह परंपरा बनाई जा सकती है कि यदि कोई छात्र रैगिंग में लिप्त पाया जाएगा तो उसके चरित्र प्रमाण पत्र में इस बात का साफ वर्णन होगा। इससे छात्र अपने भविष्य को खराब होने से बचाने के लिए खुद ही इन कामों से दूर रहने की कोशिश करेंगे। शिक्षण संस्थानों के प्रशासन भी अपने यहाँ न केवल कठोर दिशा-निर्देश बनाएँ बल्कि इनका पालन सुनिश्चित कराने की दिशा में भी समुचित प्रभावी कदम उठाएँ। इसके लिए बाकायदा एक अलग विभाग बनाया जाए ताकि छात्रों की किसी भी तरह की शिकायतों को तत्काल हल किया जा सके। अनुशासन कार्रवाई के संदर्भ में किसी भी छात्र का कैरियर तबाह न होने पाए क्योंकि हमारा उद्देश्य इस प्रवृत्ति पर विराम लगाना और ऐसे छात्रों को हतोत्साहित करना है।  दोषी छात्रों का उनके दोष के अनुपात में दण्ड का निर्धारण किया जाए। अनुशासन और कॉलेज प्रशासन की तरफ से कठोर कार्रवाई से ही इसका समाधान होगा। अतः मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि मेरे सुझाव पर गौर करें और रैगिंग के सम्पूर्ण निर्मूलन हेतु शीघ्र ही कार्यवाही करें। धन्यवाद।

 

श्री अर्जुन राम मेघवाल (बीकानेर):महोदय, मैं अपने को इस मामले से संबद्ध करता हूं।