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Title: Need to implement Banasagar – Rihand Water reservoir agreement to provide water for canals of Son river in Bihar.
श्री जगदानंद सिंह (बक्सर): सभापति महोदय, बहुत गम्भीर विषय की तरफ मैं आपका ध्यान दिलाना चाहता हूं।
बिहार राज्य में सात जिले गम्भीर रूप से सुखाड़ और अकाल में चले गये हैं। बिहार राज्य का यह इलाका ऐसा है, जहां भारतवर्ष में सिंचाई की सबसे प्राचीनतम प्रणाली है। केन्द्र सरकार की जिम्मेदारी है कि सोन कमांड के इलाके में जो हमारी सृजित क्षमता है, उसमें रिहन्द जलाशय और बाणसागर जलाशय से पानी दिलाने का काम करे। बिहार की आज अजीब स्थिति पैदा हो गई है। बिहार को जो खाद्यान्न मिलता है, इसी इलाके से वहां के लोगों की भूख मिटती है और वहां से उत्पादन देश के अन्य हिस्सों में, देश के पूर्वी हिस्सों में, नोर्थ ईस्ट हिस्से में जाता है। आठ लाख हैक्टेयर की सिंचाई योजना के लिए पानी मौजूद रहते हुए भी पूरे कमांड में आज पानी नहीं है । बक्सर का इलाका, कैमूर का इलाका, रोहताश का इलाका, पटना का इलाका, औरंगाबाद का इलाका, अरवल का इलाका और भोजपुर का इलाका, जहां डेढ़ करोड़ से अधिक किसानों की आबादी है। उनका जीवन आज खतरे में है। मैं मांग करता हूं कि जल संसाधन विभाग और उसका अधीनस्थ केंद्रीय जल आयोग पनबिजली बनाने के बदले, वहां की सिंचाई की समस्याओं को हल करे और सोन के पूरे कमांड के इलाके में अंतिम छोर तक पानी देकर बिहार की खाद्यान्न की समस्या को हल करे। पूरा राष्ट्र आज सुखाड़ में है। इस साल कम उपज होने की आशा है। ऐसा इलाका, जो राष्ट्रीय पैमाने पर खाद्यान्न के भंडार में अपना योगदान कर सकता है, आज वह खतरे में पड़ा हुआ है। केंद्र सरकार निश्चित तौर पर इस ओर ध्यान दे और वहां के लोगों का जीवन बचाने का काम करे। वहां के किसानों को पानी मुहैय्या कराने का काम करे।
MR. CHAIRMAN : Today’s last ‘Zero Hour’ submission will be by Shri Prahlad Joshi.
MR.CHAIRMAN: Okay. Now, Shri Prahlad Joshi.