योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से भारत सरकार का ध्यान गोरखपुर की एक बहुत महत्वपूर्ण मामले की ओर दिलाना चाहता हं। महोदय, गोरखपुर में १९८४ में एक दूरदर्शन केन्द्र की स्थापना हुई थी और उसके लिए ८४ लाख रुपये की लागत से रातीनगर में जमीन क्रय की गई थी। १ जुलाई, १९९८ में तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नक्वी ने गोरखपुर में दूरदर्शन केन्द्र के स्टूडियो की स्थापना के लिए शिलान्यास किया था। वहां पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि गोरखपुर में दूरदर्शन केन्द्र को अत्याधुनिक बनाया जाएगा। वहां पर स्टूडियो निर्माण के लिए आवश्यक धन भी ऐलोकेट किया गया और इसके लिए तीन करोड़ रुपये स्वीकृत भी हुए थे। लेकिन आज कुछ समाचार-पत्रों में यह समाचार छपा है कि गोरखपुर दूरदर्शन केन्द्र को वहां से स्थानांतरित करने की साजिश हो रही है। वहां मैट्रो चैनल जो तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने स्वीकार किया था, उसको भी अन्यत्र स्थानांतरित करने की साजिश हो रही है। अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से भारत सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री द्वारा गोरखपुर में दूरदर्शन केन्द्र के स्टूडियो भवन के शिलान्यास के अवसर पर जो आश्वासन दिया गया था चाहे मेट्रो चैनल अपलकिंग की व्यवस्था हो चाहे दूरदर्शन केन्द्र में बीटाकैप कैमर उपलब्ध कराने का आश्वासन हो, उसको शीघ्र पूरा करें।
MR. SPEAKER: This will not go on record. You cannot give a speech in `Zero Hour’.
(Interruptions)*
SHRI P.H. PANDIYAN : We are walking out in protest.
1243 hours
(At this stage, Shri P.H. Pandiyan and some
other hon. Members left the House.)