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Title: Need to impose a ban on inflow of foreign capital and MnC’s to protect the retail sector in the country.
प्रो. रासा सिंह रावत (अजमेर): सभापति महोदय, वर्तमान में देश के लाखों-करोड़ों व्यापारी छोटे फुटकर व्यापार में लगे हुए हैं। फुटकर व्यापार इनको आजीविका का सहारा प्रदान करता है, परन्तु उदारीकरण एवं वैश्वीकरण के नाम पर सरकार द्वारा फुटकर व्यापार के क्षेत्र में विदेशी पूंजी के निवेश को न्यौता देना और मल्टीनेशनल कम्पनियों को भी आज्ञा देना इन करोड़ों फुटकर व्यापारियों के लिए अपने अस्तित्व को बचाने का संकट पैदा कर रहा है। विदेशी पूंजी के निवेश और बड़ी-बड़ी कम्पनियों द्वारा फुटकर व्यापार में आने से छोटे व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है। वाणिज्य मंत्रालय की संसदीय स्थाई समिति के द्वारा कराए गए एक सर्वे के अनुसार देश में हर दिन, हर घंटे एक फुटकर दुकान बंद हो रही है। यदि समय रहते विदेशी पूंजी निवेश पर पाबन्दी नहीं लगाई गई तो लाखों फुटकर व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे।
सभापति महोदय, विगत दिनों 26 राज्यों के सैंकड़ों फुटकर व्यापारियों के प्रतिनिधियों का राजधानी में एक सम्मेलन आयोजित हुआ था, जिसमें फुटकर व्यापार के क्षेत्र में विदेशी पूंजी निवेश और मल्टीनेशनल एवं बड़े घरानों के आने पर घोर चिन्ता व्यक्त की गई थी।
सभापति महोदय, देश के करोड़ों फुटकर व्यापारियों को बेरोजगार होने से बचाने और उनकी आजीविका को जिन्दा रखने के लिए फुटकर व्यापार के निर्बाध संचालन हेतु इस क्षेत्र में आने वाली विदेशी पूंजी एवं मल्टीनेशनल कम्पनियों के घुसपैठ को अविलंब प्रतिबंधित किया जाए, यह मेरी भारत सरकार से प्रार्थना है। धन्यवाद।