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Title: Need to include certain Backward Castes of Uttar Pradesh in the list of Scheduled Caste Category.
श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल) : महोदय, उत्तर प्रदेश की पूर्व सरकार द्वारा 23 नवम्बर, 2005 को राजभर, गोड, निषाद, केवट, बिन्द, धीमन, तुरहा, मांझी, कहार, कश्यप, गोड़िया जैसी दर्जन भर पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को पेश किया गया था, मगर जब रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया ने उ0प्र0 की वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार से इस संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी तो जानकारी देने के बजाय वर्तमान उत्तर प्रदेश सरकार ने 6 जून, 2007 को केन्द्र सरकार से उत्तर प्रदेश की पूर्व सरकार के इस प्रस्ताव को रद्द करने की सिफारिश की, जिसे केन्द्र सरकार ने तुरन्त मान भी लिया। इस तरह दर्जन भर अति-पिछड़ी जातियां आरक्षण के लाभों से वंचितकर दी गयी। मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि उपरोक्त अति पिछड़ी जातियों को अनु0 जाति में शामिल करें।