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Need To Include Certain Communities In The Lists Of Castes. on 27 August, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Include Certain Communities In The Lists Of Castes. on 27 August, 2010

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Title: Need to include certain communities in the lists of castes.

श्री अर्जुन मुण्डा (जमशेदपुर):अध्यक्ष महोदया, लगातार 2005 से झारखंड सरकार केन्द्र सरकार को कई बार प्रदेश की कुछ ऐसी जातियों के बारे में बता चुकी है जो किसी भी जाति में सूचीबद्ध नहीं हैं। मल्ल क्षत्रिय, दंड क्षत्र मांझी, घटवार, ऐसी कई जातियां किसी सूची में शामिल नहीं हैं। भारत सरकार को स्मारित करने के बाद भी केन्द्र सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया है। जिसके कारण उन्हें किसी भी तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं हो रही है। इसके अलावा कुछ जातियां जो प्रिमिटिव करेक्टर की हैं, जैसे वहां रहने वाले कुर्मी हैं, उनके बारे में राज्य सरकार ने भारत सरकार को स्मारित किया है। मैं भारत सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि राज्य सरकार से जितनी जातियों की सूची भेजी गई है, उनके बारे में केन्द्र सरकार जल्द से जल्द निर्णय ले। जैसे मल्ल जाति के लोग पड़ौसी राज्य में जनजाति के तहत आते हैं। इसी तरह से  दंड क्षत्र मांझी हैं, घटवार हैं, जो उड़ीसा में जनजाति में आते हैं। इन सारी जातियों के मामले में राज्य सरकार की जो अनुशंसा है, उसके आलोक में भारत सरकार जल्द से जल्द निर्णय ले। पिछले 62 वर्षों में यदि कोई जाति किसी सूची में शामिल नहीं है और पड़ौसी राज्य में अनुसूचित जाति या जनजाति का लाभ प्राप्त कर रही है, तो यह झारखंड के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। झारखंड का वह हिस्सा जहां दबे-कुचले लोग रहते हैं, वह किसी जाति की सूची में नहीं। इसलिए यह एक गम्भीर विषय है और मैं भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए कहना चाहता हूं कि इस वह जल्दी निर्णय ले।