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Title: Need to introduce Women Reservation Bill.
श्रीमती नीता पटैरिया (सिवनी): सभापति जी, मैं आपके माध्यम से सरकार से अनुरोध करना चाहूंगी कि महिलाओं की सहभागिता के लिए यू.पी.ए. सरकार प्रत्येक सत्र के पहले, सत्र प्रारम्भ होने के पूर्व महिला आरक्षण विधेयक लोक सभा में पास कराने की बात कहती है, पर पूरा सत्र समाप्त हो जाता है, उसमें कहीं भी महिला आरक्षण विधेयक की चर्चा तक नहीं होती। लगातार देश की महिलाओं के साथ यू.पी.ए. सरकार के द्वारा छलावा किया जा रहा है। जैसे बच्चों का मन बहलाने के लिए कह दिया जाता है कि चन्दा मामा आ रहे हैं, खिलौना ला रहे हैं, ऐसे ही महिलाओं के साथ छलावा किया जा रहा है और उन्हें धोखा दिया जाता है। बार-बार उन्हें यह कहकर कि बस अगले सत्र में आरक्षण विधेयक आने वाला है, अगले सत्र में आरक्षण विधेयक आने वाला है, पर लगभग ढाई साल बीत गये, कई सत्र समाप्त हो गये और यह सत्र भी समाप्त होने जा रहा है, पर महिला आरक्षण की बात लोक सभा में कभी नहीं आई।
मैं सरकार से अनुरोध करना चाहूंगी कि महिला आरक्षण बिल लाये और महिलाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए महिलाओं को ३३ प्रतिशत से भी ज्यादा आरक्षण दे, क्योंकि समाज में महिलाएं लगभग ५० प्रतिशत हैं, इसलिए उनकी भूमिका भी समाज में ५० परसेंट होनी चाहिए। आप महिला बिल लायें और महिलाओं को उनका अधिकार और सहभागिता का अवसर दें।