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Title : Need to keep medical and engineering institutions of the country reservation free.
श्री प्रभुनाथ सिंह (महाराजगंज, बिहार) : उपाध्यक्ष जी, मैं एक बहुत ही संवेदनशील मामले की ओर सदन का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं। मै कल शाम को टी.वी. पर देख रहा था कि एम्स के डाक्टर्स १०-जनपथ पर श्रीमती सोनिया गांधी से मिलने जा रहे थे तो पुलिस उनपर पानी और गैस छोड़ रही थी। इस प्रक्रिया से बहुत से छात्र गिर रहे थे। यह परिस्थिति तब आई जब मानव संसाधन मंत्री श्री अर्जुन सिंह जी द्वारा आरक्षण की घोषणा की गई। आरक्षण की घोषणा के बाद एम्स की तरफ से धरना और प्रदर्शन शुरु हुये जो पूरे देश में फैलने लगे और यह मामला सिर्फ एक पक्ष नहीं बल्कि दो पक्ष में बंट गया। बीच में यह सब स्थगित हो गया लेकिन कैबिनेट के फैसले के विरोध में यह धरना और प्रदर्शन फिर से जारी है। मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं कि यह सरकार जितना इस सदन के प्रति जिम्मेदार है, वह देश की एक-एक जनता के प्रति भी उतनी ही जिम्मेदार है। सरकार जो आरक्षण देने जा रही है, उसमें हमारा कोई विवाद नहीं है लेकिन मैं सरकार से मांग करना चाहता हूं कि आर्थिक आधार पर जो पिछड़े हैं, उनके लिये भी आरक्षण का प्रतिशत तय किया जाये और उनका शिक्षण संस्थाओं में नामांकन किया जाये ।
श्री रघुनाथ झा (बेतिया) : ãÉäÉÊBÉExÉ +ÉÉÉÌlÉBÉE +ÉÉvÉÉ® {É® VÉÉä +ÉMɽä cé?
श्री प्रभुनाथ सिंह : उपाध्यक्ष जी, श्री झा जी समझ नहीं पाये हैं। मैंने यह कहा कि जो आर्थिक रूप से पिछड़े हैं, उनमें अगड़े भी हैं और पिछड़े भी आते हैं, चाहे वे किसी भी जाति के हों, उन्हें आरक्षण का लाभ मिलना चाहिये। और सरकार को इसका प्रतिशत तय करके घोषणा करनी चाहिये।