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Need To Promote The Use Of Hindi In The Working Of Supreme Court And … on 8 March, 2007

Lok Sabha Debates
Need To Promote The Use Of Hindi In The Working Of Supreme Court And … on 8 March, 2007

Title: Need to promote the use of Hindi in the working of Supreme Court and other regional languages in High Courts.

 

 

श्री हरिकेवल प्रसाद (सलेमपुर) : महोदय, देश में भारतीय संविधान को लागू हुए ५७ वर्ष बीत गए परन्तु हमारे संविधान निर्माताओं ने जो सपने सजाये थे वे अभी तक पूरे नहीं हो सके हैं। भारतीय संविधान के निर्माताओं ने संविधान में यह व्यवस्था की थी कि इसके लागू होने के १४ वर्षों के भीतर हमें धीरे धीरे अंग्रेजी भाषा के स्थान पर हिन्दी को कामकाज की भाषा बनानी होगी। परन्तु अंग्रेजी का प्रयोग कम होने की जगह बढ़ता गया। भारतीय संविधान के अनुच्छेद ३४८ की धारा १ में स्पष्ट व्यवस्था दी गई है कि जब तक संसद वधि द्वारा अंग्रेजी के स्थान पर अन्य प्रादेशिक भाषा का उपबंध न करे तब तक अंग्रेजी उच्च न्यायालयों में लागू रहेगी। यह सर्वाधिक खेदजनक बात है कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी देश के सर्वोच्च न्यायालय और अधिकांश राज्यों के उच्च न्यायालयों में अंग्रेजी का प्रयोग हो रहा है तथा हिन्दी और प्रादेशिक भाषाओं की घोर उपेक्षा की जा रही है। न्यायालयों में अंग्रेजी भाषा के माध्यम से जो कामकाज होता है उसे सामान्य जनता समझ नहीं पाती और वह शोष्षण की शिकार होती है। इसलिए जहां पर ५० प्रतिशत से अधिक लोग जिस भाषा का प्रयोग करते हों, उस राज्य के उच्च न्यायालय में उसी प्रादेशिक भाषा को कामकाज की भाषा बनायी जानी चाहिए।

मैं इस मान्य सदन के माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि वह भारतीय संविधान का आदर करते हुए उसके अनुच्छेद ३४८ की धारा १ के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों में हिन्दी एवं प्रादेशिक भाषाओं को कामकाज की भाषा बनाए जाने का तत्काल प्रावधान करे।