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Title : Need to provide compensation to the families of the police personnel killed by the naxalites in Vidarbha region of Maharashtra.
श्री दत्ता मेघे (वर्धा): अध्यक्ष महोदया, मैं सरकार का ध्यान महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में नक्सलग्रस्त जिलों में नक्सलियों द्वारा मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों की स्थिति की तरफ दिलाना चाहता हूं। जनवरी 2009 से अब तक नक्सलियों द्वारा लगभग 145 लोग मारे गए हैं जिनमें 60 पुलिसकर्मी हैं। विदर्भ के गड़चिरोली जिले में अब तक तीन अत्यन्त हिंसक वारदातें हुईं।
विदर्भ में नक्सलवाद से निपटने के लिए लड़ते हुए जो पुलिसकर्मी शहीद हुए उनके परिजनों की राज्य सरकार की ओर से घोर उपेक्षा हो रही है। विदर्भ के नक्सलग्रस्त क्षेत्र में पिछले वर्ष 54 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं। उनके परिजनों को राज्य सरकार की ओर से मुआवजे के कई आश्वासन मिले हैं, किंतु वास्तव में अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है। पिछले वर्ष के दिसम्बर के पहले सप्ताह में चंद्रपुर में आयोजित एक सम्मेलन में शहीद पुलिसकर्मियों की 29 विधवाओं ने इस बारे में दुख व्यक्त किया। पिछले वर्ष दिसंबर, 2009 में नागपुर में चले विधानसभा सत्र के दौरान इन विधवाओं ने अपनी मांगो के संबंध में आंदोलन भी किया था।
कुछ राज्यों में ऐसे शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को 25 लाख रूपए मुआवजे के तौर पर दिए गए हैं, लेकिन विदर्भ में ऐसी विधवाओं को सिर्फ आश्वासन ही दिए गए हैं। इतना ही नहीं मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकी हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों को पेट्रोलियम मंत्री ने शहीदों के घर जाकर पेट्रोल पंप दिए, लेकिन इन विधवाओं के साथ न्याय नहीं हुआ है। गड़चिरोली में मारे गए पुलिसकर्मियों को शहीदों का दर्जा दिया गया। भरपूर मुआवजा देने की घोषणा की गई। परिवार के सदस्य को नौकरी, शहीदों की विधवाओं को पेंशन आदि देने की बात कही गयी, लेकिन अभी तक उनको कुछ भी प्राप्त नहीं हुआ है।
मेरा सरकार से अनुरोध है कि जिस प्रकार से आतंकी हमलों में मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों को यथेष्ठ पेंशन और अनुदान राशि दी जाती है उसी प्रकार से नक्सली हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों के परिजनों को शीघ्र सहायता पहुंचायी जानी चाहिए और केंद्रीय सरकार की तरफ से भी उनको पेंशन और अनुदान की व्यवस्था की जानी चाहिए।
DR. MIRZA MEHBOOB BEG (ANANTNAG): Madam, I thank you for giving me this opportunity to speak.
Madam, I spoke on the issue which I had given notice of. While the discussion was on in respect of the Demand for Grant of the Ministry of External Affairs, I spoke on it. If you could allow me, I have another important issue which I want to raise right now.
MADAM SPEAKER: Do you want to raise another issue?
DR. MIRZA MEHBOOB BEG : Yes, Madam. Because I spoke about that yesterday while we were discussing the Demand for Grant of the Ministry of External Affairs.
MADAM SPEAKER: I have not got the notice. I do not know about it. You can give a fresh notice.