Title: Need to provide financial assistance to State Government of Rajasthan to solve severe drinking water problem in Jaipur.
श्री गिरधारी लाल भार्गव (जयपुर) : महोदय, जयपुर के भूजल स्त्रोतों की वर्तमान एवं भविष्य में क्षमता आंकलन करने की दृष्िट से एक अध्ययन करवाया गया था जिसके परिणाम स्वरूप जो तथ्य सामने आये हैं, उनसे यह दृष्िटगत होता है कि यदि वर्तमान गति से भूजल का दोहन होता रहा तो भूजल के स्तर में तीव्र गति से गिरावट आती जायेगी। जयपुर शहर से लगभग १२० किलोमीटर दूर टोंक के निकट बनास नदी पर बीसलपुर बांध बन चुका है। इस बांध से जयपुर शहर में जयपुर शहर की पेयजल आपूर्ित हेतु ३१७२ लाख कयूबिक लीटर जल की मात्रा आरक्षित है, जो शहर की वर्ष २०२१ तक की पेयजल मांग पूर्ण करने हेतु यथेष्ट है। जयपुर शहर की पेयजल मांग वर्ष २०२१ में लगभग ५०२८ लाख लीटर प्रतदिन तथा वर्ष २०२१ में ७२३१ लाख लीटर प्रतदिन तक पहुंच जायेगी। बीसलपुर बांध से पानी लाने एवं उसका शहर में उचित प्रकार से वितरण करने हेतु सम्भाव्यता रिपोर्ट के अनुसार इस परियोजना को २ चरणों में क़ियान्िवत करने का प्रस्ताव है। प्रथम चरण की पाइप लाइन से लगभग वर्ष २०२१ तक एवं द्वितीय चरण की पाइप लाइन से वर्ष २०२१ तक आपूर्ित हो सकेगी। जयपुर शहर व कच्ची बस्ितयों में सर्दी के दिनों में भी पूर्ण वेग से जल वितरण नहीं हो रहा है और जन-जीवन दु:खी है। सम्भाव्यता रिपोर्ट के अनुसार बीसलपुर से जयपुर ठ्ठांसमीशन सिस्टम पर जयपुर शहर में ट्रांसफर सिस्टम तथा वितरण करने पर कुल अनुमानित लागत १४१६.४० करोड़ रुपये हैं। परन्तु ट्रांसफर सिस्टम एवं वितरण प्रणाली पर अनुमानित पूर्ण, व्यय तुरंत किया जाना आवश्यक नहीं होगा। अत: ६३८.८० करोड़ रुपये के प्रावधान के विरूद्ध वर्तमान में कमी करके ३८१.२० करोड़ रुपये की व्यय करना ही प्रस्तावित है। इस प्रकार योजना के प्रथम चरण में ११०० करोड़ रुपये व्यय करने का प्रस्ताव है। राज्य सरकार के पास धनराशि उपलब्ध नहीं है, इसलिए केन्द्रीय सरकार जल आपूर्ित करने की घोषणा के अनुसार सम्पूर्ण रकम उपलब्ध कराये।