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Need To Provide Relief Package For Drought Affected Region In Uttar … on 28 April, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Provide Relief Package For Drought Affected Region In Uttar … on 28 April, 2010


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Title: Need to provide relief package for drought affected region in Uttar Pradesh.

श्री रामकिशुन (चन्दौली): सभापति महोदय, आपने मुझे समय दिया, उसके लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं। सूखा पिछले साल पड़ा और राहत की रेवड़ियां अब बंटने वाली हैं। रेवड़ियों की  इस बंदरबांट में उत्तर प्रदेश की घोर उपेक्षा की गई है, जबकि चुनाव साल होने के नाते बिहार ने बाजी मार ली है। उन राज्यों को भी यूपी से अधिक धन दिया गया, जिन्होंने खुद को सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया। सूखा राहत के लिए गठित उच्चतर समिति ने राहत पैकेज पर अपनी मोहर लगा दी है। वर्ष 2009 के पड़े सूखे की बहुत बड़ी त्रास्दी घोषित की गई है, जिसमें देश के 15 राज्यों में 352 जिले सूखे की चपेट में आ गए। इन राज्यों ने 72,000 करोड़ रुपए की मांग की थी। उसमें से मात्र 4800 करोड़ रुपए ही इन राज्यों को देने का काम अब तक हुआ है। खास तौर से उत्तर प्रदेश को 515 करोड़ रुपए ही मिले हैं। इतनी कम राशि और उस पर उत्तर प्रदेश के 58 जिले सूखाग्रस्त घोषित हुए हैं। उन 58 जिलों की हालत यह है कि वहां खेती पूरी तरह से बर्बाद हो गई और पूरी तरह से खरीफ तथा रबी की फसल बर्बाद हो गई है। समूचे पूर्वांचल में खरीफ की फसलें सूखे की भेंट चढ़ गईं। देश के 59.3 लाख हेक्टेयर खेतों में धान की रोपाई नहीं हो सकी, जिसमें अकेले उत्तर प्रदेश के 20 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई नहीं हो पाई है। इसके मुकाबले चुनावी संवेदना को देखते हुए बिहार को 1200 करोड़ रुपए और जिन राज्यों ने अपने आपको सूखाग्रस्त घोषित किया था, उन्हें ज्यादा पैसा दिया गया। हरियाणा को, पंजाब को और जहां कांग्रेस पार्टी की सरकारें हैं, वहां भी केन्द्र सरकार ने ज्यादा पैसा दिया, लेकिन उत्तर प्रदेश के किसानों को राहत सामग्री देने के नाम पर पैसा नहीं दिया गया।

          सभापति महोदय, उत्तर प्रदेश सरकार भी राहत का पैसा जनपद चंदौली, जौनपुर आदि में दिया था, वह वापस ले लिया है। यह सरकार भी पैसा न दे और प्रदेश सरकार जो पैसा मिला, वह भी काट दे तो मेरी केन्द्र सरकार से मांग है कि वहां के किसानों को सिंचाई के लिए, टय़ूबवैल्स के लिए, नहरों के लिए पैसा दिया जाए ताकि उत्तर प्रदेश, खासकर पूर्वांचल के, जनपद चंदौली, वाराणसी के किसानों की खेती बचाई जा सके। …( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN : Please take you seat.

श्री रामकिशुन : मैं एक मिनट में अपनी बात समाप्त कर दूंगा। केन्द्र और राज्य सरकार के झगड़े में उत्तर प्रदेश का किसान बर्बाद हो रहा है और उसकी हालत यह है कि न केन्द्र मदद कर रही है, न ही प्रदेश सरकार ध्यान दे रही है।…( व्यवधान)

MR. CHAIRMAN: I cannot allow any controversies to be raised here.  Nothing will go on record.

(Interruptions) … *

MR. CHAIRMAN: The House stands adjourned to meet tomorrow at 11.00 a.m.

 

18.43 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Eleven of the Clock

on Thursday, April 29, 2010/Vaisakha 9, 1932(Saka).