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Title: Regarding need to provide relief to the drought-affected people of Bundelkhand region.
श्री राजनारायन बुधौलिया (हमीरपुर, उ0प्र0) : महोदय, उत्तर प्रदेश के अति पिछड़े बुन्देलखंड क्षेत्र में लगातार चार वर्षो से प्राकृतिक आपदाओं (वर्तमान में सूखे से उत्पन्न भुखमरी, लाचारी, बेबसी जैसी विकट समस्याओं) का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। इस विषय को लेकर बुन्देलखण्ड क्षेत्र के माननीय सांसदों ने अति पिछड़े बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग सदन के माध्यम से एवं मा0 प्रधानमंत्री जी से दिनांक 25.08.2006 एवं 11.12.2006 को मिल कर क्षेत्र की समस्याओं के निराकरण हेतु की थी किंतु अभी तक कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकले हैं जिससे बुन्देलखंडवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। कुएँ, तालाबों, हैण्डपंपों, नलकूपों, बांधों एवं नदी-नालों में पानी न होने के कारण भारी पेयजल संकट आ खड़ा हुआ है। किसानों की जमीन खाली पड़ी हुई है। धरती कई जगहों पर अचानक फट गयी है। किसानों के सामने अनेकों समस्याएं पैदा हो रही हैं। किसान व मजदूर वर्ग काम न मिलने के कारण कर्जे एवं भुखमरी के कारण आत्महत्या तक करने को मजबूर हो गया है। पशुओं के लिए पानी एवं चारे की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। बड़े-बड़े काश्तकार दाने दाने के लिए तरस रहे हैं। क्षेत्र में सभी के लिए रोजगार न होने के कारण भारी संख्या में लोग पलायन कर रहे हैं। केन्द्र सरकार को इस भयानक स्थिति के बारे में केन्द्रीय अध्ययन दल ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। किंतु, अभी तक कोई घोषणा नहीं की गयी है।
अतः सदन के माध्यम से केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि किसानों का कर्जा मूलधन सहित माफ किया जाये तथा राष्ट्रीय आपदा घोषित कर पीड़ित परिवार के लोगों को वर्षभर खाने पीने तथा पुनर्वास के लिए केन्द्रीय सहायता, सिंचाई एवं पेयजल, पशुओं के लिए चारे की व्यापक व्यवस्था, नौजवानों को पर्याप्त रोजगार उपलब्ध कराकर पलायन रोकने की व्यवस्था, योजना आयोग के केन्द्रीय अध्यक्ष दल की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर सदन के पटल पर रखकर तुंत क्षेत्रीय लोगों की मांग के अनुसार युद्धस्तर पर सहायता उपलब्ध करायी जाये।