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Title: Need to Provide Stipend and other Facilities to the Trainee Officers (Cadets) of Armed Forces on par with Trainee Officers of I.A.S./I.P.S.
श्री हर्ष वर्धन (महाराजगंज, उ.प्र.): सभापति महोदय, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित भारतीय सशस्त्र सेनाओं की थल, जल एवं वायु सेना की अकादमियों में प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण के दौरान वेतन नहीं दिया जाता है। सैन्य अकादमियों में इन प्रशिक्षु अधिकारियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक की होती है। भारतीय प्रशासनिक, पुलिस एवं अन्य समस्त संबद्ध सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों का चयन भी संघ लोक सेवा आयोग द्वारा होता है एवं इनकी भी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक की होती है परन्तु इस वर्ग के अधिकारियों को प्रशिक्षण के प्रथम दिवस से ही वेतन सहित अन्य सुविधाएं अऩुमन्य होती हैं। इस विसंगति के चलते प्रशिक्षण के दौरान स्थायी रूप से विकलांग हो जाने वाले सशस्त्र सेनाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रशिक्षण से बाहर कर दिया जाता है और वह उन सुविधाओं से वंचित हो जाते हैं जो प्रशिक्षण के प्रथम दिवस से वेतन मिलने की दशा में प्रशासनिक सेवाओं से संबद्ध अधिकारियों को अऩुमन्य होता है। इस देश में सशस्त्र सेनाओं मे लगभग 15 हजार अधिकारियों की कमी का एक प्रमुख कारण यह विसंगति भी है जिसका सीधा प्रभाव देश की सुरक्षा पर पड़ रहा है। इसके साथ ही सेवा शर्तों में यह विसंगति एक ही समय चयनित सशस्त्र सेना के अधिकारियों को दूसरे वर्ग से कनिष्ठ बना देती है जिससे इनमें कुंठा का भाव पैदा होता है। अतः प्रशिक्षु सैन्य अधिकारियों को प्रशिक्षण के प्रथम दिवस से वेतन सहित अन्य समस्त सुविधाएं प्रदान किया जाना न्यायहित में आवश्यक है।