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Need To Re-Open The Way Going To Civil Lines At Allahabad Railway … on 8 March, 1999

Lok Sabha Debates
Need To Re-Open The Way Going To Civil Lines At Allahabad Railway … on 8 March, 1999


Title: Need to re-open the way going to Civil Lines at Allahabad Railway junction, U.P.

श्री शैलेन्द्र कुमार

(चायल) : सभापति महोदय, उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक एवं धार्िमक जिला ठइलाहाबाद” के इलाहाबाद जंकशन का सौन्दर्यीकरण शनैः शनैः समाप्त होता जा रहा है। वर्तमान में इलाहाबाद जंकशन स्टेशन के दो साइड हैं — एक सिटी साइड और दूसरा सविल लाइन साइड। सविल लाइन साइड की ओर इस जनपद का सम्भ्रान्त वर्ग रहता है। इसी साइड से जनपद की आम जनता का भी आवागमन रहता है। सविल लाइन साइड के सामने जहां कि एक ऐतिहासिक स्थल है जिसे हम गांधी स्मारक के नाम से भी जानते हैं, इस स्थान पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी का अस्िथ कलश रखा गया था। साथ ही आज़ादी के समय लड़ाई का नेत्ृात्व करने वाले कई महानुभावों ने अपने विचार रखे थे। अब इस स्थल पर तमाम राष्ट्रीय नेताओं का आवागमन उनके विचार-उदबोधन इसी गांधी चबूतरे से ही होता रहा है। परंतु सविल लाइन स्टेशन के मुख्य रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया है जो कि इलाहाबाद के इस ऐतिहासिक स्थल के सौन्दर्यीकरण को नष्ट करता है। वास्तविकता यह है कि इस साइड पर क्षेत्रीय रेल प्रबंधक (डी.आर.एम.) उत्तर रेलवे का बंगला पड़ता है। इस एक बंगले के सौन्दर्यीकरण के लिए इलाहाबाद जंकशन स्टेशन के सौन्दर्यीकरण को नष्ट किया जाना कहां तक न्यायसंगत है, यह विचारणीय है। मैं सरकार से मांग करता हूं कि इस मार्ग की ऐतिहासिक गरिमा को एवं इलाहाबाद जंकशन रेलवे स्टेशन के सौंदर्यीकरण को देखते हुए इस मार्ग को तत्काल खोला जाए।