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Title: Need to reconstruct the ‘Mahesara Setu’ on N.H. – 29 (E) between Gorakhpur and Sonauli in Uttar Pradesh.
योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर) : महोदय, गोरखपुर-सोनौली मार्ग भारत को नेपाल से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह मार्ग पहले बौद्ध परिपथ के अंतर्गत आता था तथा राज्य मार्ग था। इसके अंतर्राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए वर्ष 2003 में भारत सरकार ने इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 29(ई) के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। इस राजमार्ग के कि.मी. 86 पर गोरखपुर महानगर से जुड़ा हुआ महेसरा सेतु है, जिसका निर्माण 1964 में हुआ था। यह सेतु 2 अक्टूबर, 2006 को क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे इस मार्ग पर खासतौर पर नेपाल आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। यद्यपि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने इस सेतु में मरम्मत आदि का कार्य सम्पन्न किया, परन्तु 29 अप्रैल, 2007 को पुनः यह सेतु क्षतिग्रस्त हो गया जिसके कारण लगभग 3 माह तक इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। जुलाई अंत में मरम्मत के बाद जब यह सेतु आवागमन के लिए खोला गया तो 14 अगस्त, 2007 को यह सेतु तीसरी बार क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित है। महेसरा का यह सेतु अपनी आयु पूरी कर चुका है। सेतु निर्माण से जुड़े हुए विशेषज्ञ तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों ने महेसरा सेतु के स्थान पर नए सेतु का निर्माण ही इसका एकमात्र विकल्प माना है। इस राजमार्ग के महत्व को देखते हुए व्यापक जनहित में भी पुराने पड़ चुके महेसरा सेतु के स्थान पर नए सेतु का बनना आवश्यक है।
कृपया गोरखपुर-सोनौली राजमार्ग के कि.मी. 86 पर महेसरा के पास नए सेतु का निर्माण तथा गोरखपुर से सोनौली राजमार्ग के उच्चीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किया जाये।