Title: Need to restore original quota of rice supplied to the BPL population in the country.
श्री पुन्नूलाल मोहले (बिलासपुर) : महोदय, मैं केन्द्र सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहूंगा कि गरीबी की रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले, बीपीएल लोगों को केन्द्र सरकार पहले ३५ किलोग्राम चावल देती थी। ३५ किलो की जगह अब उन्हें २२ किलो चावल दिया जा रहा है।यह कटौती किए जाने से लोगों में असमंजस की स्थिति है, जिससे लोग परेशान हैं, हताश हैं तथा सरकार के प्रति आक्रोशित हैं। इसी तरह से शक्कर और गेहूं के कोटे में भी कटौती की गयी है। इस तरह कुल १६०० टन चावल और १०० टन गेहूं की आवश्यकता है। केन्द्र सरकार ३५ किलोग्राम चावल देने की बजाय २२ किलोग्राम चावल देना और १३ किलोग्राम की कटौती करना अनुचित है। मैं केन्द्र सरकार से मांग करना चाहूंगा कि बीपीएल लोगों के लिए ३५ किलो को कोटा दिया जाए जिससे वहां के लोग अपना भरण-पोषण कर सकें। वे भुखमरी की स्थिति में हैं, वे कमजोर होने के कारण कमा नहीं पा रहे हैं। प्रत्येक परिवार को और अधिक चावल का कोटा बढ़ाने की जगह केन्द्र सरकार उसे घटा रही है। मैं केन्द्र सरकार से अनुरोध करना चाहूंगा कि चावल के कोटे में जो कटौती गयी है, उसे बंद करके पुन: ३५ किलोग्राम चावल दिया जाए। धन्यवाद। [R92]