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Title: Need to revive private Seda Synthetics Chemicals in Bareilly, U.P.
श्री संतोष गंगवार (बरेली) :महोदय, मैं आपके माध्यम से केंद्र सरकार के संज्ञान में लाना चाहता हूं कि मेरे संसदीय क्षेत्र बरेली स्थित एशिया की एक मात्र सबसे बड़ी कृत्रिम रबड़ बनाने वाली फैक्ट्री मेसर्स सिन्थेटिक्स एंड कैमीकल्स लमिटेड के प्रबंधकों की अदूरदर्शिता एवं कुप्रबंधन के कारण १५ जुलाई, १९९९ से बंद पड़ी है। इसके करीब तीन हजार स्थायी श्रमिक व एक हजार से अधिक दैनिक वेतनभोगी श्रमिक इसमें कार्यरत थे तथा इससे करीब दस हजार परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उक्त फैक्ट्री कृत्रित रबड़ बनाने की एशिया की एक मात्र फैक्ट्री होने के कारण करोड़ों रूपए की विदेशी मुद्रा भी बचाती थी।
यूं तो प्रबंधन द्वारा सभी कर्मचारियों को सवैतनिक अवकाश पर भेजा गया है, परंतु प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों को वेतन व अन्य देयों का भुगतान फरवरी, १९९९ से आज तक नहीं किया गया है। प्रबंधन समय-समय पर फैक्ट्री को चलाने एवं समस्त देयों का भुगतान करने का झूठा आश्वासन देता आया है।
इन लगातार असत्य एवं भ्रामक आश्वासनों के कारण सभी कर्मचारी गंभीर आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहे हैं। कुछ कर्मचारियों को आर्थिक तंगी के कारण आत्महत्या तक करनी पड़ी है तथा धनाभाव के कारण ये लोग अनेकों समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
यह फैक्ट्री जो बी.आई.एफ.आर में चली गयी है, प्रबंधकों द्वारा उचित प्रक्रिया न अपनाये जाने के कारण अब तक कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकल पाया है। निरंतर प्रयास जारी हैं।
मेरा केंद्र सरकार से आपके माध्यम से आग्रह है कि जनहित में इस महत्वपूर्ण संस्थान को अधिग्रहीत कर इसे चलाये जाने के निर्देश करें तथा मजदूरों के अवशेष देय व वेतन आदि का अतिशीघ्र समय पर भुगतान कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करावायें।