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Title: Need to secure the release of an Indian employee of Iranian Ship captured by Somalian pirates on 17 November, 2008.
श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल) : माननीय उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सदन में एक बहुत महत्वपूर्ण मामले पर अपनी बात रखना चाहूंगा। मेरे संसदीय क्षेत्र के निवासी शमशुल हसन इसरार, जिसकी उम्र 35 साल है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय: शैलेन्द्र जी, आप एक-दो मिनट में अपनी बात खत्म करना, तभी मैं सभी को बुलाऊंगा, नहीं तो दो-चार माननीय सदस्यों को बुला कर जीरो-आवर को यहीं खत्म कर दूंगा।
श्री शैलेन्द्र कुमार : ईरानियनमालवाहक विमान में 13 वर्षों से ईरानियन शिपिंग लाइंस, इस्लामिक रिपब्लिक शिपिंग हाउस ऑफ ईरान (डिलाइट) में कार्यरत हैं। ये विमान मालवाहक जहाज मलेशिया से जेद्दाह होते हुए ईरान जा रहा था। जिस पर सोमालिया में 18 डाकुओं ने 17 नवम्बर, 2008 से कब्जा कर रखा है। आज 26 दिन हो गए हैं।
उपाध्यक्ष महोदय, एक भारतीय, जो हमारे क्षेत्र का निवासी है, वह आज 26 दिन से उस जहाज में अकेला पड़ा हुआ है। उसकी देख-रेख के लिए अभी तक कोई भी सरकार या दूतावास ने पहल नहीं की है, जब कि इस बात को मैं माननीय प्रधान मंत्री जी, भारत सरकार, विदेश मंत्री जी, रक्षा मंत्री जी, गृह मंत्रालय को, दूतावास ईरान और सोमालिया को भी अवगत करा चुका हूं। जिसमें 25 कर्मचारी हैं, जो जहाज मलेशिया होते हुए, जेद्दाह होते हुए ईरान जा रहा था। उसमें रसद एवं पानी भी खत्म हो गया है, उनकी हालत बहुत दयनीय है।
उपाध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से चाहूंगा कि सरकार की तरफ से यह बात आनी चाहिए, उनसे बातचीत करके वहां पर पानी एवं रसद पहुंचा कर उन भारतीयों की जान बचाई जाए। इसी प्रकार से सोमालिया दूतावास से कम से कम कांट्रेक्ट करके, यही नहीं केवल हमारे क्षेत्र में नहीं, बल्कि पंजाब, हरियाणा, हिन्दुस्तान के अन्य जगहों के तमाम लोग वहां काम कर रहे हैं, जो बंधक बनाए गए हैं। सोमालिया से जो सूचना मिली है, वह यह है कि अब तक डाकू सौ मालवाहक जहाज वहां बंधक बना चुके हैं। मैं चाहूंगा कि इसमें भारत सरकार, विदेश मंत्रालय पहल करे और जो हिन्दुस्तानी 26 दिन से बंधक बने हुए हैं, जिन्होंने अपना त्यौहार (बकरीद) नहीं मनाया। वे मुस्लिम हैं, उनका बकरीद का त्यौहार था। उनके बच्चे रो रहे हैं, उनकी पत्नी एवं बूढ़ी मां सब बेचैन है। डेली हमारे संसदीय क्षेत्र में फ्रंट पेज़ पर यह न्यूज़ निकलती है।
उपाध्यक्ष महोदय, आज मैं आपके माध्यम से सरकार की तरफ से चाहूंगा कि इस पर कुछ बयान आए, सरकार कुछ पहल करे। सोमालिया में जो भारतीय बंधक बने हुए हैं, उन डाकुओं पर कब्जा करके, उनसे इन्हें छुड़ा कर अपने परिवार में उन्हें जाने की इजाजत दी जाए। यह आप सरकार को निर्देशित करें। मैं आपके माध्यम से निवेदन करना चाहूंगा, क्योंकि यह बहुत ही मानवीय एवं महत्वपूर्ण मामला है। इस पर सरकार की तरफ से जवाब आना चाहिए। यहां सरकार के दो-दो, तीन-तीन मंत्री बैठे हुए हैं, यह आतंकवाद और अपराध से जुड़ा हुआ मामला है, यहां सिब्बल जी बैठे हुए है, केबिनेट मिनिस्टर्स बैठे हैं, इस पर जवाब आना चाहिए। मैं चाहूंगा कि आपके माध्यम से इस पर कोई जवाब आए। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय: मैं आपके सवाल में कुछ एडीशन कर दूंगा।
…( व्यवधान)
श्री शैलेन्द्र कुमार : सरकार की तरफ से इस पर कोई जवाब आना चाहिए। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय: वहां पंजाब के भी बहुत से लोग हैं, मेरे पास भी रिप्रजंटेशन आई है। पंजाब के भी बहुत से लोग हैं, जो केप्चर किए गए हैं। आप इस बारे में जल्दी कुछ करें।
…( व्यवधान)
ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्रीमती सूर्यकान्ता पाटील) :ठीक है सर।
KUMARI MAMATA BANERJEE (CALCUTTA SOUTH): Sir, the Government must respond on this.
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय: मैडम ने कह दिया है कि आपके और हमारे पंजाब के जितने लोग केप्चर किए हैं, उनके बारे में जरूर कुछ करेंगे।