Title: Need to set up joint venture of NTPC and CCI for making PPC cement by utilising fly-ash.
(जांजगीर): सभापति महोदय, माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्यावरण प्रदूषण रोकने संबंधी अनेक निर्देश मौजूद हैं। पर्यावरण मंत्रालय के १४-९-९९ की अधिसूचना अनुसार कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों से उत्पन्न फ्लाई ऐश का उपयोग करना है। कोरबा (छत्तीसगढ़) मे प्रतदिन ६५००० टन कोयला जलता है और २६००० टन के लगभग प्रतदिन फ्लाई ऐश निर्मित होती है जबकि पूरे भारत में ८२ थर्मल पॉवर स्टेशन हैं, जिससे ८.५ करोड़ टन फ्लाई ऐश प्रति वर्ष निकलती है जिसमें सीसा जिंक, आर्सेनिक सलिकान जैसे हैवी मेटल (भारी तत्व) भूजल, पौधे, जानवरों के लिये अत्यधिक धातक साबित हो रहे हैं। वर्तमान में इस समस्या का हल ऊर्जा मंत्रालय- एन.टी.पी.सी. एवं सी.सी.आई. का संयुक्त उपक्रम बनाकर पी.पी.सी. सीमेंट वनिर्माण में कर सकती है। इससे छत्तीसगढ़ के कोरबा एवं मांदर के साथ ही देश के अन्य स्थानों पर सी.सी.आई. के उपक्रम के अधिकारी कर्मचारियों के परिवार की सुरक्षा के साथ ही देश को जल, वायु एवं भूमि प्रदूषण से बचाया जा सकता है एवं फ्लाई ऐश का कारगर उपयोग किया जा सकता है।
अत: अनुरोध है कि उद्योग विभाग मध्यस्थता कर एन.टी.पी.सी. एवं सी.सी.आई. के बीच संयुक्त उपक्रम स्थापित करने की दिशा में शीध्रा कार्यवाही करें।