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Title: Need to solve power shortage problem in Madhya Pradesh.
(वदिशा):अध्यक्ष महोदय, मध्य प्रदेश इस समय गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। मध्य प्रदेश में अब तक भूख और कुपोषण से लगभग ७२ लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मरने वाले सब के सब अनुसूचित जाति और जनजाति के लोग हैं। मध्य प्रदेश सरकार के निकम्मेपन कारण और केन्द्र सरकार द्वारा राशि दिये जाने के बावजूद वह सहायता राशि पीड़ितों तक नहीं पहुंच रही है।
वहां की सरकार ने अब वहां बिजली की स्थिति को अत्यंत गंभीर बना दिया है। आज मध्य प्रदेश की यह हालत है कि बिजली आती कम है, जाती ज्यादा है। बिजली नहीं आती है, वहां केवल लम्बे-चौड़े बिल आते हैं। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। मध्य प्रदेश में अनेकों ऐसे किसान हैं जिन्होंने तीन-चार साल से बिजली कनैक्शन के लिए पैसा जमा करा रखा है, उन्होंने कुआं खुदवा लिया, बैंक से ऋण ले लिया, लेकिन उन्हें कनैक्शऩ नहीं मिला। उनका कर्जा इतना हो गया है कि किसान आज आत्महत्याएं कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किशन नाम के एक किसान ने लिंगा नाम के कस्बे में मध्य प्रदेश विद्युत मंडल के कार्यालय में विद्युत का कनैक्शऩ न मिलने के कारण जहर पीकर आत्महत्या कर ली।
माननीय अध्यक्ष महोदय, मध्य प्रदेश में स्थिति बद से बदतर होने जा रही है। इसलिए मैं आपके माध्यम से भारत सरकार से मांग करना चाहता हूँ कि मध्य प्रदेश की सरकार के रहमो-करम पर मध्य प्रदेश की जनता को न छोड़ें, सूखे से निपटने के लिए प्रभावी मुआवज़े की व्यवस्था सरकार करे और बिजली के संकट से मध्य प्रदेश को राहत देने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करें।
MR. SPEAKER: Shri Prahlad Singh Patel may associate with this.
(बालाघाट):अध्यक्ष महोदय, मुझे कहना है कि बालाजी ओसे जो डेढ़ एकड़ का काश्तकार था, उसने अपनी ईमानदारी के कारण ज़हर पीकर आत्महत्या की।
MR. SPEAKER: Shri Prahlad Singh Patel, you can only associate with this. Please take your seat.
श्री प्रहलाद सिंह पटेल :वह वहां प्रदेश के मंत्री से मिला। जब कार्यालय में उसकी मृत्यु हो गई तो वहां विद्युत मंडल के लोगों ने उसकी लाश सड़क पर फेंक दी। मैं कहना चाहता हूँ कि ज़हर पीकर आत्महत्या करने से ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता।…( व्यवधान)